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अभिलेखों में खामियां और लंबित मामलों पर जिलाधिकारी सख्त , जवाबदेही होगी तय

पौड़ी गढ़वाल, 4 अगस्त । जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने श्रीनगर तहसील के औचक निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के रखरखाव, लंबित मामलों और राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

तहसील दिवस के बाद किए गए निरीक्षण में डीएम ने एसडीएम और तहसीलदार न्यायालय में लंबित राजस्व एवं फौजदारी वादों की समीक्षा की। इस दौरान कुछ मामलों में एक ही कार्य के लिए 15-15 तिथियां दिए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।

नजारत अनुभाग में अभिलेखों और पत्रावलियों का रखरखाव संतोषजनक नहीं मिलने पर नायब नजीर से स्पष्टीकरण मांगा गया। वहीं राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर कम वसूली करने वाले अमीनों का वेतन रोकने और लंबित वसूली में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने भूलेख अनुभाग, सीएम हेल्पलाइन, उपस्थिति पंजिका और मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का भी जायजा लिया। उन्होंने सरकारी अभिलेखों के पारदर्शी और व्यवस्थित रखरखाव पर जोर देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले तहसील दिवस में उन्होंने जनता की शिकायतें सुनीं और सभी प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुमाड़ी के पेयजल स्रोत, बलडी तोक की क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर तथा वार्ड-40 में खेल मैदान और विद्युत उपकेंद्र के लिए भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वयं दूरभाष के माध्यम से संचार व्यवस्था की जांच की और सभी उपकरणों को हर समय क्रियाशील रखने, संपर्क सूची अद्यतन रखने और आपदा सूचना तंत्र को 24 घंटे सक्रिय बनाए रखने के निर्देश दिए।