शिलाई में उद्योग मंत्री ने की विभागीय समीक्षा, आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के निर्देश
नाहन, 25 जुलाई । उद्योग, संसदीय मामले एवं श्रम रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में आज लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, पांवटा साहिब में लोक निर्माण विभाग तथा जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ शिलाई विधानसभा क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान शिलाई विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग एवं जल शक्ति विभाग से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों व लंबित परियोजनाओं तथा निर्माणाधीन योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कार्यों की वर्तमान स्थिति से उद्योग मंत्री को अवगत कराया। उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकासात्मक परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से लोक निर्माण विभाग एवं जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि दोनों विभाग सीधे तौर पर आम जनता की दैनिक आवश्यकताओं एवं सुविधाओं से जुड़े हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि विभागीय कार्यों का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचे तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं गति दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बरसात के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद हैं। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े।उन्होंने कहा कि भारी वर्षा की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक एहतियाती एवं सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग सहित आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उद्योग मंत्री ने कहा कि सड़क मार्ग बाधित होने, पेयजल अथवा विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने जैसी परिस्थितियों में संबंधित विभागों को तत्काल बहाली के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी शिकायत या आपदा संबंधी सूचना पर बिना विलंब कार्रवाई की जाए तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए।









