संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग की एससीबीए-एससीएओआरए ने की निंदा
नई दिल्ली, 22 जुलाई । सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (एससीएओआरए) ने संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर दिल्ली पुलिस के बल प्रयोग की निंदा की है। दोनों संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने बैठक कर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। एससीबीए ने कहा है कि इस लाठीचार्ज में कई छात्र गंभीर रुप से घायल हुए हैं। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का एक सदस्य भी घायल हुआ है। छात्रों और वकीलों पर पुलिस की ज्यादती लोकतांत्रिक समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है। एससीबीए ने पुलिस ज्यादती की तत्काल, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की है, ताकि इसके लिए जिम्मेदार अफसरों की पहचान हो और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन ने दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौजवानों पर हुए बल प्रयोग पर गहरी चिंता जताई है। एसोसिएशन ने कहा है कि छात्र और नौजवान सार्वजनिक परीक्षाओं में हो रही धांधली का विरोध कर रहे थे। एसोसिएशन ने छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसूगैस के गोले छोड़ने का जिक्र किया है। एसोसिएशन ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिये विरोध जताना संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) और 19(1)(बी) के तहत प्रदत्त अधिकार हैं।









