सुक्खू सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा 5,600 से अधिक पद भरने को मंजूरी, स्कूलों से लेकर विभिन्न विभागों में मिलेगी नौकरी
शिमला, 20 जुलाई । हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने रोजगार को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए विभिन्न विभागों में 5,600 से अधिक पदों को भरने की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में सबसे अधिक जोर नई भर्तियों और सरकारी सेवाओं को मजबूत करने पर रहा। मंत्रिमंडल ने ग्राम पंचायतों में 400 मल्टी टास्क वर्कर, 1,975 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में 3,950 चौकीदार और मल्टी टास्क वर्कर, शिक्षा विभाग में 200 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी), ग्राम पंचायतों के लिए 280 जॉब ट्रेनी टेक्निकल असिस्टेंट, नवगठित नूरपुर पुलिस जिले के लिए 102 पद, खेल उत्कृष्टता केंद्र के लिए 48 पद, पंचायत विभाग में ऑडिटर, जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) और मल्टी टास्क वर्करों के 35 पद, मत्स्य विभाग में 10 पद, पुलिस चौकी गलोड़ में पांच अतिरिक्त पद, पर्वतारोहण संस्थान मनाली में चार पद, खेल छात्रावास भरैड़ी में चार पद, जनजातीय विकास विभाग में चार पद, योजना विभाग में छह पद, अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग में पांच पद, लघु बचत विभाग में 10 पद और स्थायी लोक अदालतों के संचालन के लिए 28 नए पद भरने का फैसला किया। इसके अलावा विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में डायलिसिस तकनीशियनों के 65 पद, टांडा मेडिकल कॉलेज में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी विभाग के लिए दो सहायक प्रोफेसर और अग्निशमन, स्वास्थ्य तथा अन्य विभागों में भी नए पद सृजित किए जाएंगे।
आशा वर्करों का मानदेय बढ़ा, स्कूलों से लेकर स्वास्थ्य तक कई फैसले
मंत्रिमंडल ने आशा वर्करों का मासिक मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाकर 5,800 रुपये से 6,800 रुपये करने का फैसला किया है। यह बढ़ोतरी एक अप्रैल 2026 से लागू होगी। नंबरदारों का मासिक मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की पुरस्कार राशि 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये और राज्य शिक्षक पुरस्कार पाने वालों की राशि 40 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं देने का निर्णय लिया गया। चिकित्सा शिक्षा विभाग के सुपर स्पेशियलिटी शिक्षकों को नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस देने और पीजी छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ाने का भी फैसला लिया गया। अब प्रथम वर्ष के छात्रों को 50 हजार, द्वितीय वर्ष के छात्रों को 60 हजार और तृतीय वर्ष के छात्रों को 65 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। लोक निर्माण विभाग के लगभग 900 फील्ड जूनियर इंजीनियरों को वामिस प्रणाली के संचालन के लिए एक हजार रुपये मासिक भत्ता भी मिलेगा। युद्ध जागीर अनुदान को सात हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया गया है।
मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के धनैटा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का फैसला लिया है, जिसके लिए 75 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट तथा रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी के नए स्नातक पाठ्यक्रम शुरू होंगे और प्रत्येक में 30-30 सीटें होंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग की पीजी और सुपर स्पेशियलिटी नीति में संशोधन भी किया गया है। चामियाना स्थित एआईएमएसएस और राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में रेडियोलॉजी विभाग में वरिष्ठ रेजिडेंट के रूप में दी गई सेवा को छह वर्ष तक फील्ड पोस्टिंग माना जाएगा। टांडा मेडिकल कॉलेज में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी विभाग खोला जाएगा। शिमला जिले के कोटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 10 बिस्तरों वाले अस्पताल में बदला जाएगा। कांगड़ा के रैत आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र को उपमंडलीय आयुष चिकित्सा कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। पांच क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए उपकरण खरीदे जाएंगे और मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर कोर्स की फीस और अन्य शर्तों को भी मंजूरी दी गई है। सरकारी स्कूलों में नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में दो दिन मध्यान्ह भोजन के साथ उबला अंडा या मौसमी फल देने का फैसला भी किया गया है।
किसानों, मछुआरों, युवाओं और कारोबार को बढ़ावा देने के फैसले
कैबिनेट ने मत्स्य क्षेत्र के लिए कई नई योजनाओं को मंजूरी दी है। मछुआरों को 70 प्रतिशत अनुदान पर नावें, 90 प्रतिशत अनुदान पर जाल और अन्य उपकरण दिए जाएंगे। पात्र मछुआरा परिवारों को बंद मछली पकड़ने के मौसम में मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत 3,500 रुपये की सहायता मिलेगी। नादौन में एकीकृत एक्वा पार्क स्थापित किया जाएगा। फलों और कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए 20 कोल्ड स्टोरेज, 10 फ्रीज ड्राई यूनिट और 20 रेफ्रिजरेटेड वैन पर 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। हिमुडा निजी भागीदारी में विकासनगर शिमला में बहुउद्देशीय व्यावसायिक परिसर विकसित करेगा। ई-टैक्सी योजना में आवेदन की अधिकतम आयु 45 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष कर दी गई है। जठिया देवी माउंटेन सिटी परियोजना के विकास को भी मंजूरी दी गई है। फोजल जलविद्युत परियोजना की क्षमता नौ मेगावाट से बढ़ाकर 16 मेगावाट करने और जल शक्ति विभाग में ऊर्जा बचत के लिए ईएससीओ मॉडल अपनाने का भी फैसला लिया गया।
मंत्रिमंडल ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से रोड सेफ्टी ऑडिट नीति को मंजूरी दी है। बिलासपुर में लोक निर्माण विभाग मंडल नंबर-दो को जगतखाना स्थानांतरित किया जाएगा। 12 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक पंचायत चौकीदारों को दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा। पुलिस विभाग में 800 कांस्टेबल की भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की एकमुश्त छूट देने का फैसला लिया गया है। पुलिस थानों में लापता बच्चों से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए लीगल वालंटियर तैनात किए जाएंगे। शिमला, मंडी, धर्मशाला और ऊना में स्थायी लोक अदालतें स्थापित होंगी। कांगड़ा जिले के बड़ोह में नया फायर पोस्ट खोला जाएगा। रोगी कल्याण समितियों को जांच और प्रक्रिया शुल्क से होने वाली आय का उपयोग सफाई और जरूरी सामग्री की खरीद पर करने की अनुमति दी गई है। सीबीएसई स्कूलों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बनी मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिशों को कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी दी गई।









