ग्वालियरः पात्र किसानों तक पहुँचे खाद इसलिए घर-घर जाकर किया जा रहा है सत्यापन
ग्वालियर, 01 जुलाई । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में खरीफ सीजन में किसानों को समय पर, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिले में राज्य शासन के निर्देशानुसार ई-टोकन व्यवस्था के माध्यम से खाद का वितरण किया जा रहा है।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि उर्वरक वास्तविक एवं पात्र किसानों तक ही पहुंचे, इस उद्देश्य से कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर खाद वितरण के बाद किसानों के घर-घर जाकर खाद का सत्यापन भी कराया जा रहा है। जिले में वर्तमान में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। किसान ई-टोकन के आधार पर निकटवर्ती सहकारी समिति से आवश्यकतानुसार खाद प्राप्त कर सकते हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर बुधवार को कृषि एवं उससे जुड़े विभागों का मैदानी अमला ग्राम गढ़ी, मुगलपुरा, टिहोली, हबीपुरा इत्यादि गांवों में उन किसानों के घर पहुँचा, जिन्होंने अधिक मात्रा में खाद का उठाव किया है। सभी किसानों के घरों में खाद उपलब्ध मिला। किसानों का कहना था कि उन्होंने अपनी सुविधा के अनुसार खाद का उठाव कर लिया है, जिससे खाद की चिंता से मुक्त होकर खेती की तैयारी कर सकें।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों के ई-टोकन जनरेट कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र किसान को ई-टोकन के माध्यम से निकटवर्ती सहकारी समिति से समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। साथ ही वितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
कृषि उप संचालक भानु प्रताप शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक 54 हजार 370 ई-टोकन जनरेट किए जा चुके हैं। इनके आधार पर 34 हजार 993 किसानों को 17 हजार 903 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक वितरित किया गया है। वर्तमान में जिले में 20 हजार 921 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जिससे खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की उपलब्धता में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी।
कलेक्टर ने किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके एवं एसएसपी उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति भी जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि फसल उत्पादन बेहतर होने के साथ-साथ उर्वरकों का संतुलित उपयोग भी सुनिश्चित हो सके।









