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रिज मैदान में राज्यपाल ने किया योगाभ्यास, बोले- योग भारत की अमूल्य विरासत

शिमला, 21 जून । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग ने आयुष विभाग के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में योग प्रेमियों, छात्रों और नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने की। उनके साथ लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी मौजूद रहीं।

योग सत्र में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के योग विभाग के विद्यार्थियों ने प्रतिभागियों को करीब डेढ़ घंटे तक विभिन्न योग क्रियाओं और प्राणायाम का अभ्यास करवाया। यह सत्र विश्वविद्यालय के योग विभाग के प्रोफेसर डॉ. सत्य प्रकाश पाठक की देखरेख में आयोजित किया गया। राज्यपाल और लेडी गवर्नर ने भी योगाभ्यास में हिस्सा लिया और लोगों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम से पहले राज्यपाल ने उपस्थित लोगों को नशामुक्त हिमाचल की शपथ दिलाई। इसके अलावा उत्कृष्ट योगाभ्यास करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी सहित पुलिस और आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

अपने संबोधन में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा और ऋषियों की अमूल्य देन है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। उन्होंने कहा कि हर घर तक योग का संदेश पहुंचना चाहिए, क्योंकि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ मन की नींव होता है। उन्होंने लोगों से योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की।

बाद में पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज दुनिया के 189 देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” है, जो लोगों को जीवनभर स्वस्थ और सक्रिय रहने का संदेश देती है।

राज्यपाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन का भी माध्यम है। उनके अनुसार दुनिया भर में लोग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक जागरूकता के लिए भी योग को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद भारत की इस प्राचीन विरासत को वैश्विक पहचान मिली है।

उन्होंने यह भी कहा कि योग सामाजिक बुराइयों को दूर करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और नशे जैसी समस्याओं से निपटने में भी सहायक हो सकता है। राज्यपाल ने लोगों से अधिक स्वस्थ, संतुलित और जागरूक समाज के निर्माण के लिए योग अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की सुंदरता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं और योग इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।