साइबर क्राइम रोकने के लिए बनेगा कॉर्डिनेशन सेंटर: डीजीपी
जोधपुर, 06 जून । प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने कहा कि साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए प्रदेश में साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर बनेगा। इसके अलावा 1930 हेल्प लाइन की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। जिससे ऑपरेटर अधिक से अधिक कॉल अटेंड कर सकें। वह आज यहां जोधपुर रेंज आईजी कार्यालय में अधिकारियों की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम नियंत्रण के लिए प्रदेश स्तर पर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर बनने जा रहा है। अब हमने ड्रग्स का काम करने वालों के संपत्तियां जब्त करना भी शुरू कर दी है। इसके लिए एएनटीएफ सक्रिय है। इसकी चौकियां भी काम कर रही हैं। लगभग हर दिन एक कार्रवाई की जा रही है। ड्रग्स को लेकर मुख्यमंत्री बहुत गंभीर है। इस पर नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि जोधपुर पुलिस रेंज अपने आप में महत्वपूर्ण है। इसका बहुत बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा है। इसकी अपनी अलग चुनौतियां है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश भर में वाहन दुर्घटना रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि काम में सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। बढ़ते साइबर अपराध के सवाल पर महानिदेशक ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण चुनौती है। इसको लेकर सरकार ने हमें लगातार संसाधन उपलब्ध करवाए हैं।
इस कड़ी में साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर बनने जा रहा है। जिसे साइबर फ्रॉड पर नियंत्रण किया जा सकेगा। मुख्यालय से साइबर क्राइम से निपटने के लिए भी हमें टूल्स मिले हैं। प्रत्येक साइबर थाने को आधुनिक टूल्स दे रहे हैं। इसके अलावा 1930 हेल्प लाइन की क्षमता बढ़ाई जा रही है। जिससे ऑपरेटर अधिक से अधिक कॉल ले सके। उन्होंने बताया कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने के लिए भी इन दिनों मिसिंग बच्चों को लेकर अभियान चलाया जा रहा है।









