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जयपुर में विधान मंडल समिति प्रणाली को सशक्त बनाने पर मंथन, जून में लोकसभा को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

जयपुर, 05 मई । देशभर के विधान मंडलों की समिति प्रणाली को अधिक प्रभावी, सक्रिय और एकरूप बनाने के उद्देश्य से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित सात पीठासीन अधिकारियों की उच्च स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित हुई।

समिति की इस द्वितीय बैठक में नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम विधानसभाओं के अध्यक्षों ने भाग लिया। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सभी अतिथियों का पारंपरिक राजस्थानी आतिथ्य के साथ स्वागत किया।

बैठक में विधान मंडलों की समितियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए सभी राज्यों में समिति प्रणाली में एकरूपता लाने, समितियों को अधिक प्रभावशाली बनाने, विधायकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा समितियों की रिपोर्ट पर राज्य सरकारों द्वारा प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

डॉ. देवनानी ने कहा कि समितियां सदन का लघु रूप होती हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि समितियों के कार्यों को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने के लिए सुझावों का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है, जिसे जून माह में लोकसभा अध्यक्ष को प्रस्तुत किया जाएगा।

बैठक में यह भी विचार किया गया कि समितियों की रिपोर्ट पर सदन में अधिक प्रभावी चर्चा हो तथा संसदीय शोध और जनहित मामलों में उनकी भूमिका को और मजबूत किया जाए।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को राजस्थान की समृद्ध संस्कृति से भी परिचित कराया गया। सारंगी वादन, कच्छी घोड़ी नृत्य और कठपुतली कला प्रदर्शन ने सभी आगंतुकों को प्रभावित किया।

इस उच्च स्तरीय बैठक को देश की संसदीय और विधायी प्रक्रियाओं को अधिक मजबूत, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।