durgavati-tiger-reserve-tigres

सागर के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गूंजी किलकारी, बाघिन एन 6 ने चार शावकों को दिया जन्म

सागर, 05 मई । मध्य प्रदेश के वन्यजीव गलियारे से एक गौरवशाली उपलब्धि सामने आई है। सागर स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघों के संरक्षण प्रयासों को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब पेंच टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू कर लाई गई बाघिन एन 6 पहली बार मां बनी। मंगलवार सुबह गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने बाघिन को अपने चार नन्हे शावकों के साथ देखा, जो गुफा के आसपास अठखेलियां कर रहे थे।

उल्लेखनीय है कि बाघिन एन6 को करीब एक साल पहले पेंच टाइगर रिजर्व से यहां स्थानांतरित किया गया था। डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रजनीश सिंह ने मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि यह इस बाघिन का पहला प्रसव है। नए परिवेश में बाघिन का इतनी जल्दी अनुकूलित होना और चार शावकों को जन्म देना रिजर्व प्रबंधन की कार्यप्रणाली और वहां के सुरक्षित वातावरण पर मुहर लगाता है।

इन चार नए मेहमानों के आने के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघों की कुल संख्या 30 के आंकड़े को पार कर गई है। शावकों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग अत्यधिक सतर्क है, इलाके में हाई-टेक ट्रैकर कैमरे लगाए गए हैं। वन अमले की विशेष टीमें 24 घंटे क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं। शुरुआती दो साल शावकों के लिए संवेदनशील होते हैं, इसलिए बाहरी हस्तक्षेप को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नए शावकों के जन्म से न केवल क्षेत्र का इकोसिस्टम संतुलित होगा, बल्कि भविष्य में यह पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र भी बनेगा। पर्याप्त शिकार आधार (Prey Base) और सुरक्षित सघन वन क्षेत्र होने के कारण यह रिजर्व बाघों के फलने-फूलने के लिए एक आदर्श स्थान साबित हो रहा है। वन विभाग के इस सफल ‘ट्रांसलोकेशन और ब्रीडिंग’ मॉडल की चारों ओर सराहना हो रही है।