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जनगणना 2027: राजस्थान में 16 मई से शुरू होगा मकानसूचीकरण

जयपुर, 17 अप्रैल । राज्य में प्रस्तावित भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) का कार्य 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस संबंध में जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने शुक्रवार को जयपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में विस्तृत जानकारी दी।

मल्लिक ने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और सहभागी बनाने के उद्देश्य से पहली बार ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा शुरू की जा रही है। इसके तहत नागरिक 1 मई से 15 मई 2026 के बीच निर्धारित पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी होगी, जो व्यस्तता या सुविधा के अनुसार स्वयं जानकारी देना चाहते हैं।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि स्व-गणना के बावजूद संबंधित प्रगणक द्वारा फील्ड स्तर पर अनिवार्य रूप से सत्यापन और डेटा जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।

निदेशक मल्लिक ने नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत करते हुए कहा कि स्व-गणना के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। किसी भी सर्च इंजन के माध्यम से अनधिकृत लिंक पर जाने से बचें और ‘https’ एवं ‘.gov.in’ डोमेन की पुष्टि अवश्य करें। उन्होंने यह भी कहा कि ओटीपी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें, क्योंकि जनगणना विभाग या प्रगणक कभी भी ओटीपी की मांग नहीं करते।

राज्य में इस व्यापक कार्य के लिए लगभग 1 लाख 60 हजार प्रगणक एवं पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे, जो घर-घर जाकर अधिसूचित 33 प्रश्नों के आधार पर जानकारी एकत्र करेंगे। मकानसूचीकरण के अंतर्गत प्रत्येक भवन, परिवार, उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, परिसंपत्तियों तथा उपभोग संबंधी विवरणों का व्यवस्थित संकलन किया जाएगा।

मल्लिक ने बताया कि जनगणना के इस प्रथम चरण का मुख्य उद्देश्य आगामी जनसंख्या गणना (Population Enumeration) के लिए एक सटीक एवं विश्वसनीय ‘मास्टर फ्रेम’ तैयार करना है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि दूसरे चरण में कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित न रह जाए।

जनगणना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर से लेकर स्थानीय निकायों तक बहुस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पहले चरण में मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया है, जबकि अब जिलों और नगर निकायों में फील्ड ट्रेनर्स एवं प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसके साथ ही, जनगणना को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप देने के लिए ‘Census Management & Monitoring System (CMMS)’, ‘House Listing Block Creation (HLBC)’ वेब पोर्टल तथा ‘HLO मोबाइल ऐप’ विकसित किए गए हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से कार्य की निगरानी, डेटा संग्रहण और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।

निदेशक मल्लिक ने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग दें और प्रगणकों को सही, पूर्ण एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही, प्रगणक के अधिकृत पहचान पत्र एवं क्यूआर कोड की पुष्टि के बाद ही जानकारी साझा करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।