जींद : किसानों ने नए नियमों के विरोध में चार घंटे तक लगाया जाम
जींद, 11 अप्रैल । किसानों ने अनाजमंडी में फसल डालने को लेकर बनाए गए नए नियमों के विरोध में शनिवार को जींद-पटियाला मार्ग पर तारखां कोठी के पास जाम लगाया था। किसानों ने चार घंटे बाद दोपहर बाद तीन बजे जाम खोल। जाम के कारण अनेक वाहन चालक परेशान रहे। डीएसपी संजय कुमार ने किसानों से जाम खोलने की अपील भी कि लेकिन किसानों ने तीन बजे से पहले जाम नहीं खोला।
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान बिंद्र नंबरदार ने कहा कि सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सरकार की मंशा है कि किसी भी प्रकार से किसानों को परेशान किया जाए और वह मंडी तक अपनी फसल लेकर नहीं पहुंच सके। सरकार ने बायोमेट्रिक का जो सिस्टम शुरू किया है, वह बहुत गलत है। फसल बेचने के लिए परिवार का कोई भी सदस्य आ सकता है, इसलिए यह नियम गलत है। इसके अलावा गेट पास के लिए लंबी लाइन लग जाती है। इस कारण किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार चाहती है कि किसी भी तरीके से किसान को मंडियों में फसल लाने से रोका जाए। किसान किसी भी सूरत में सरकार की यह शर्त मानने को तैयार नहीं है।चार घंटे तक लगा रहा जामजींद-नरवाना मार्ग पर किसानों द्वारा जाम लगाने के कारण यह सडक़ मार्ग 11 बजे से तीन बजे तक पूरी तरह बाधित रहा। छोटे वाहनों के लिए रुट डायवर्ट किया गया था, लेकिन भारी वाहन सडक़ पर ही खड़े रहे। ऐसे में वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसानों ने केवल एंबुलेंस को रास्ता दिया था। इसके अलावा कोई सेना के वाहन पर भी रोक नहीं थी।पुलिस ने किया था रुट डायवर्टजाम को देखते हुए पुलिस ने शनिवार को 11 बजे से तीन बजे तक जींद-नरवाना मार्ग पर रुट डायवर्ट किया हुआ था। पुलिस ने छोटे वाहनों के लिए खरक बूरा से खेड़ी मसानिय-सोढ़ा माजरा–दरोली खेड़ा-सुरबरा- गंलपुर-बडनपुर से सुंदरपुरा होते हुए बद्दोवाल टोल प्लाजा तक रुट बनाया था। इसी प्रकार नरवाना से जींद आने वाले छोटे वाहनों के लिए डूमरखां कंला कैंची मोड़ से डूमरखां खुर्द-सुदकैन कलां-काबरछा से सफा खेड़ी होते हुए नेशनल हाईवे-352 डी तक रास्ता डायवर्ट किया हुआ था।









