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अनूपपुर: अनूपपुर लॉज हादसे की मजिस्टेरियल जांच के लिए 6 सदस्यीय टीम गठित, तीन दिन में देगी रिपोर्ट

अनूपपुर, 10 अप्रैल । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में 4 अप्रैल की शाम कोतमा नगर के बसस्टैंड के समीप चार मजिला अग्रवाल लाज के अचानक ढह जाने से वहां बिल्डिंग में कार्यरत मजदूरों के मलबा में दब जाने कारण 03 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई तथा 03 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गये। जिस पर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी कोतमा के प्रतिवेदन के बाद शुक्रवार को मजिस्टेरियल जांच हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय टीम का गठन किया हैं।

उन्होंने जांचकर्ता अधिकारियों को मजिस्टेरियल जांच 03 दिवस के भीतर पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। वहीं इस टीम में मुख्य नगरपालिका अधिकारी कोतमा को शामिल किया गया हैं जो इस पूरे घटना के दोषी माने जाते हैं। ऐसे में जांच प्रभावित हो सकती हैं।

ज्ञात हो कि 4 अप्रैल को कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 5 स्थित बस स्टैंड के पास अग्रवाल लॉज के ठीक बगल में स्थानीय निवासी रामनरेश गर्ग ने व्यावसायिक उपयोग के लिए राकेश गर्ग द्वारा लगभग 20 बाई 50 के प्लॉट पर यह निर्माण कार्य करा रहे थे। लगभग एक सप्ताह पहले अग्रवाल लॉज की दीवार से सटाकर लगभग 12 फुट गहरा एक गड्ढा खोदा गया था। बाद में गड्ढे में पानी भर गया। इसके बाद लॉज का एक हिस्सा ढहकर उसी गड्ढे में गिर गया।

कलेक्टर हर्षल पंचोली ने उक्त घटना के कारणों, संवेदनशीलता तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए मजिस्टेरियल जांच हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय टीम में सतीस वर्मा, एसडीएम कोतमा, प्रभात लोरिया, कार्यपालन यंत्री लाक निर्माण विभाग, नागेश पेन्द्री, सहायक संचालक, नगर एवं ग्राम निवश, दशरथ सिंह, तहसीलदार कोतमा, प्रदीप झारिया, मुख्य नगरपालिका अधिकारी कोतमा एवं राजन श्रीवास्तव, सिटी मैनेजर, शहरी विकास प्राधिकरण अनूपपुर शामिल हैं।

कलेक्टर ने मजिस्ट्रेट जांच हेतु 8 बिन्दु निर्धारित किये हैं जिनमे कोतमा बस स्टेण्ड के समीप उक्त अग्रवाल लाज किसक स्वामित्व की है?। उक्त लॉज के मालिक द्वारा लॉज / भवन निर्माण की सक्षम अनुज्ञा कव और किन शर्तों के तहत प्राप्त की गई थी?। उक्त लॉज के मालिक द्वारा क्या भवन निर्माण की सक्षम अनुज्ञा, अनुमोदित नक्शा और निर्धारित शर्तों के अधीन निर्माण कार्य कराया गया था या नहीं ?। लॉज के बगल में श्री रामनरेश गर्ग एवं राकेश कुमार द्वारा किये जा रहे निर्माण कार्य की सक्षम अनुज्ञा नगर निकाय से प्राप्त की गई है या नहीं? बिना सक्षम अनुमति के गढ़ढा कराने व निर्माण कार्य में किन नियमों व शर्तों का उल्लंघन किया गया है?। उपरोक्त अग्रवाल लॉज निर्माण कोतमा एवं रामनरेश गर्ग एवं राकेश कुमार द्वारा किये गये भवन निर्माण में क्या म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के मानकों का पालन किया गया है? उन निर्माण कर्ताओं द्वारा म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के किन मानको का उल्लंघन किया गया है?। उपराक्त विना सक्षम अनुज्ञा के निर्माण कार्य के फलस्वरूप इमारत ढहने व जनहानि के लिए कौन-कौन दोषी हैं?। नगर पालिका क्षेत्र अन्तर्गत भवन अनुज्ञा एवं म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के शर्तों का पालन कराने व शर्त अनुसार भवन निर्माण के देखरेख का दायित्व नगरनिकाय के किस अधिकारी/कर्मचारी का है तथा भवन निर्माण अनुज्ञा के शर्त व मानको का पालन नहीं कराने के लिए कौन दोषी है?एवं जांच के दौरान आये अन्य महत्वपूर्ण तथ्य? अनुविभागीय दण्डाधिकारी, कोतमा / जांचकर्ता अधिकारी 03 दिवस के भीतर पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगें। इस दौरान बिन्दुओं के संबंध में जो व्यक्ति लिखित साक्ष्य/दस्तावेजी साक्ष्य एवं कथन देना चाहते हैं वह 17 अप्रैल को प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी कोतमा में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते है।