(अपडेट) सात विदेशी नागरिकों से जुड़े मामले में एनआईए हिरासत 10 दिन के लिए बढ़ाया
नई दिल्ली, 27 मार्च । दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने भारत आकर उत्तर-पूर्व के जातीय समूहों को ट्रेनिंग देने के मामले में आरोपित सात विदेशी नागरिकों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) हिरासत 10 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। एनआईए मुख्यालय में विशेष एनआईए कोर्ट ने इन आरोपियों को पेश कर 15 दिनों की हिरासत की मांग की थी।
शुक्रवार सुबह एनआईए ने कोर्ट से इस मामले की सुनवाई एनआईए मुख्यालय में ही करने की अनुमति मांगी थी जिसे कोर्ट ने मंजूरी दी थी। उसके बाद विशेष एनआईए कोर्ट एनआईए मुख्यालय में बैठी और इन विदेशी नागरिकों की एनआईए हिरासत 10 दिनों के लिए बढ़ाने का आदेश दिया। एनआईए ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर इन विदेशी नागरिकों से जुड़े मामले की सुनवाई एनआईए मुख्यालय में कराने की अनुमति मांगी थी।
एनआईए का कहना है कि वो इन विदेशी नागरिकों के संबंध में विभिन्न देशी और विदेशी एजेंसियों के साथ लगातार काम कर रही है ताकि पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके। आज इन विदेशी नागरिकों की एनआईए हिरासत खत्म हो रही थी जिसके बाद एनआईए ने ये अर्जी दाखिल की।
उल्लेखनीय है कि 17 मार्च को कोर्ट ने इन विदेशी नागरिकों को आज तक की एनआईए हिरासत में भेजा था। कोर्ट ने कहा कि आरोपितों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं, ऐसे में उनको हिरासत में पूछताछ की जरुरत है। कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि ये विदेशी नागरिक म्यांमार में अवैध तरीके से घुसे और मिजोरम के संरक्षित इलाकों में प्रवेश कर जातीय समूहों से संपर्क कायम किया। आरोपियों पर अवैध हथियारों की आपूर्ति करने, जातीय समूहों को ट्रेनिंग देने और उन्हें ड्रोन चलाने में सहयोग करने का आरोप है। इन सात आराेपित विदेशियों में छह यूक्रेनी नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक शामिल हैं।
एनआईए के मुताबिक ये विदेशी वीजा पर भारत आए और फिर मिजोरम में प्रवेश किया, जो एक संरक्षित क्षेत्र है। इसके बाद वे म्यांमार में दाखिल हुए और जातीय युद्ध समूहों से संपर्क साधा। इन विदेशी नागरिकों को म्यांमार में प्रशिक्षण दिया गया था जिसके बाद वे जातीय युद्ध समूहों को प्रशिक्षित कर रहे थे। ये समूह भारत में सक्रिय विद्रोही समूहों से जुड़े हुए हैं। यह आरोप भी लगाया गया है कि वे यूरोप से ड्रोन की एक बड़ी खेप लेकर आए थे। एनआईए ने इनके खिलाफ यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया है।









