आयकर अपीलीय अधिकरण रिश्वत प्रकरण में आरोपितों को जमानत नहीं
जयपुर, 25 फ़रवरी । राजस्थान उच्च न्यायालय ने आयकर अपीलीय अधिकरण में रिश्वत से जुडे मामले में आरोपित सीता लक्ष्मी, मुजम्मिल, राजेन्द्र सिसोदिया, विजय गोयल और कैलाश चन्द्र मीणा को जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने इन सभी आरोपितों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की एकलपीठ ने यह यह आदेश दिए। अदालत ने सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद गत 4 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
आरोपित सीता लक्ष्मी की ओर से कहा गया कि वह अधिकरण में न्यायिक अधिकारी थी। ऐसे में जजेज प्रोटेक्शन एक्ट के तहत उस पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। वहीं अन्य आरोपी की ओर से कहा गया कि प्रकरण में न तो उन्होंने रिश्वत राशि की मांग की है और ना ही उनके कोई बरामदगी हुई है। इसके अलावा प्रकरण में आरोप पत्र पेश हो चुका है। जिसकी सुनवाई लंबे समय तक चलेगी। ऐसे में उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए। जिसका विरोध करते हुए सीबीआई की ओर से अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने कहा कि आरोपित पर रुपये लेकर फैसले देने का आरोप है। सीबीआई को गोपनीय सूचना मिली थी कि आईटीएटी जयपुर बेंच में लंबे समय से अपीलों को तय करने में धांधली चल रही है। जिस पर सीबीआई ने आईटीएटी की न्यायिक सदस्य सीता लक्ष्मी व वकील राजेन्द्र को गत 25 नवंबर को गिरफ्तार किया था। वहीं सीता लक्ष्मी की कार से 30 लाख रुपए और दलाल राजेन्द्र के घर से 80 लाख रुपए बरामद किए थे। इसके अलावा सीबीआई ने मामले में पक्षकार और रिश्वत देने वाले कोटा निवासी मुज्जमिल सहित अन्य को गिरफ्तार किया था।









