जींद: भाकियू की चेतावनी पर बैंक कर्मचारियों ने किसानों को सौंपी पाॅलिसी
जींद, 18 फ़रवरी । भारतीय किसान यूनियन का अनिश्तिकालीन धरना का बुधवार को पुरानी अनाज मंडी में आइसीआइसीआई बैंक के सामने दूसरे दिन जारी रहा। धरने की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष बिंद्र लंबरदार ने की। किसान नेता बारिश में भी धरने पर बैठे रहे।
भाकियू के जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल ने कहा कि बुधवार को उचाना में आयोजित रैली कार्यक्रम में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिहं सैनी से मिलने की बात कही। उसके बाद बैंक मैनेजर ने तुरंत किसानों की मांग को माना और लिखित रूप मै बैंक मैनेजर ने किसानों को कागज दिए। उसके बाद भाकियू ने भी धरने को स्मापत किया। बारूराम रूपगढ़, जयबीर राजपुरा भैण, हिसार के जिला अध्यक्ष सतेंद्र कोथ, अजमेर रामराये, सूरजमल उपप्रधान, रमेश डूमरखां व प्रदीप बीबीपुर ने कहा कि बैंक ने किसानों के खाते से बीमा प्रीमियम राशि काट ली थी लेकिन जब बारिश के चलते फसल खराब हुई तो बैंक ने पालिसी नंबर नहीं दिया। इसके चलते उन्हें फसल खराबा नहीं मिल पाया था। 24 जुलाई 2025 को उनका बीमा प्रीमियम कटा था।
इसके बाद 26 अगस्त के आसपास बारिश से उनकी कपास की फसल खराब हो गई तो उन्होंने बीमा कंपनी के दिए टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करवाईए जिस पर उनसे पालिसी नंबर मांगा गया। जब वह पालिसी नंबर लेने के लिए बैंक में आए तो उन्हें टाल मटोल करते हुए कुछ दिन का समय दिया। इसके बाद दिसंबर तक उन्हें चक्कर लगवाए गए लेकिन समस्या का समाधान नहीं करवाया। 24 दिसंबर को उन्होंने धरना देने की चेतावनी दी तो प्रशासन ने मध्यस्तता करते हुए 26 जनवरी तक का समय किसानों को दिया। समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने 17 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। दूसरे दिन भी बारिश के बीच किसान धरने पर मौजूद रहे और इस दौरान उन्होंनेे बैंक कर्मचारियों से उचाना में सीएम से मिलने की बात कही।









