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मप्रः मंत्री राकेश शुक्ला ने किया बजट का स्वागत, कहा- ऊर्जा आत्मनिर्भरता से विकास को मिलेगी नई गति

भोपाल, 18 फरवरी । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा बुधवार को विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा, कृषि क्षेत्र में, औद्योगिक निवेश और अधोसंस्थनात्मक विकास के संतुलित संयोजन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

मंत्री शुक्ला ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गरीब कल्याण, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और इंडस्ट्री के सर्वांगीण विकास के संकल्प को धरातल पर साकार करने वाला है। उन्होंने कहा कि ‘रोलिंग बजट’ जैसी नवाचारी पहल से वित्तीय योजना अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी बनेगी, जिससे दीर्घकालिक परियोजनाओं का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। शुक्ला ने बताया कि महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए किए गए प्रावधान राज्य को आत्मनिर्भर विकास की दिशा में आगे बढ़ाएंगे।

सौर ऊर्जा विस्तार और हरित अधोसंरचना को मजबूत आधार

मंत्री शुक्ला ने विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत 343 करोड़ रुपए का प्रावधान किसानों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे सौर ऊर्जा आधारित सौर कृषि पंपों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन कार्यक्रम में विद्युतीकरण कार्यों के लिए 96 करोड़ रुपए का प्रावधान दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों तक विद्युत पहुंच सुनिश्चित करेगा। मंत्री शुक्ला ने कहा कि यह बजट पारंपरिक ऊर्जा के साथ नवीकरणीय ऊर्जा के संतुलित विस्तार का मार्ग प्रशस्त करता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट वर्ष 2047 के विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य की दिशा में सशक्त आधार सिद्ध होगा।

किसानों की समृद्धि को समर्पित है बजट 2026-27 : कृषि मंत्री कंषाना

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026 -27 में प्रदेश के अन्नदाताओं के सशक्तिकरण और कृषि विकास को नई ऊँचाई देने का संकल्प है। बजट में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के लिए 31 हजार 758 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। कंषाना ने कहा कि प्रदेश में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन को मूल्य संवर्धन से जोड़कर किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। प्रदेश कृषि उत्पादन और किसान कल्याण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। दाल उत्पादन में प्रथम, गेहूं, तिलहन में द्वितीय और सोयाबीन में 35 प्रतिशत योगदान के साथ मध्यप्रदेश अग्रणी है। औद्योगीकरण, अधोसंरचना, रोजगार, शिक्षा और किसान समृद्धि पर विशेष फोकस के साथ वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है।