मंडी में हर्षोल्लास से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस, आयुष मंत्री यादविंदर गोमा ने किया ध्वजारोहण
मंडी, 26 जनवरी । जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह सेरी मंच, मंडी में हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया, जिसमें आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने मुख्य अतिथि के रूप में भीग लिया। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, मार्च पास्ट का निरीक्षण किया और भव्य परेड की सलामी ली। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि एवं अन्य सम्मानित अतिथियों ने इंदिरा मार्केट परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
समारोह में पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, स्काउट्स एंड गाइड्स तथा विभिन्न विद्यालयों के एनएसएस छात्र-छात्राओं द्वारा भव्य परेड निकाली गई। परेड के उपरांत देशभक्ति तथा हिमाचली संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर यादविंदर गोमा ने प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने जनसेवा को अपना मूल मंत्र बनाकर बीते तीन वर्षों में विकास और जनकल्याण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं तथा विधानसभा चुनाव में जनता से की गई दस में से सात गारंटियों को पूरा किया है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र सरकार की दूसरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है तथा 15 से 20 वर्ष पुरानी मशीनों और उपकरणों को बदलने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये व्यय करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी की सुविधा प्रदेश में शुरू की जा चुकी है। शिमला के चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा उपलब्ध है और शीघ्र ही आईजीएमसी शिमला, हमीरपुर तथा नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा आरंभ की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को पहली कैबिनेट बैठक में ओपीएस प्रदान कर उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की, हालांकि इसके चलते केंद्र सरकार ने प्रदेश की उधार सीमा में कटौती की। इसके बावजूद राज्य सरकार ने संसाधनों के बेहतर उपयोग से पिछले तीन वर्षों में 26 हजार 683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पूर्व सरकार की तुलना में 3 हजार 800 करोड़ रुपये अधिक है। शराब ठेकों की नीलामी से 5 हजार 408 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राजीव गांधी वन संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना, मनरेगा, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और होम-स्टे योजना जैसी पहलें की गई हैं। इंदिरा गांधी प्यारी बहिना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत पात्र ग्रामीण महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने का कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लक्ष्य के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाएं, ग्रीन कॉरिडोर और ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। बागवानी नीति लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं, मक्की और हल्दी पर समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि जन सहयोग से प्रदेश को अगले वर्ष तक आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है तथा नशा छोड़ने वालों के उपचार और पुनर्वास के लिए सिरमौर के कोटला बड़ोग में विश्व स्तरीय केंद्र स्थापित किया जा रहा है।









