बलरामपुर : धान खरीद तेज, लेकिन उठाव की रफ्तार बनी चिंता, खुले में पड़ा हजारों टन धान
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बलरामपुर : धान खरीद तेज, लेकिन उठाव की रफ्तार बनी चिंता, खुले में पड़ा हजारों टन धान
बलरामपुर, 16 दिसंबर । बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीद अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है, लेकिन खरीद के अनुपात में धान का उठाव बेहद धीमा होने से हालात चिंता पैदा कर रहे हैं। जिले में 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीद के तहत अब तक भारी मात्रा में फसल तो खरीदा जा चुकी है, मगर राइस मिलों तक धान पहुंचाने की प्रक्रिया अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी है।
जिले की 49 सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक लगभग 60 हजार 782 मैट्रिक टन से अधिक धान का उपार्जन किया जा चुका है। इसके मुकाबले अब तक केवल 204 मैट्रिक टन धान के लिए डिलीवरी ऑर्डर जारी किए गए हैं, जिनमें से महज 140 मैट्रिक टन धान का ही वास्तविक उठाव हो सका है।
खुले आसमान के नीचे भंडारण, मौसम बना खतरा
धान उठाव में देरी के चलते अधिकांश सहकारी समितियों में धान खुले स्थानों पर रखा गया है। कई जगहों पर तिरपाल के सहारे भंडारण किया जा रहा है, लेकिन मौसम में बदलाव या अचानक बारिश होने की स्थिति में धान के खराब होने का खतरा बना हुआ है। लंबे समय तक खुले में पड़े रहने से धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
बफर लिमिट से आगे पहुंची खरीद
कई समितियों में धान की खरीद निर्धारित बफर क्षमता से अधिक हो चुकी है, जिससे भंडारण का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि उठाव में तेजी नहीं लाई गई, तो उनकी मेहनत से उपजाई फसल को नुकसान हो सकता है।
किसानों की मांग, प्रशासन की तैयारी
किसानों ने मांग की है कि धान उठाव की प्रक्रिया में तत्काल तेजी लाई जाए, ताकि उपज सुरक्षित रूप से राइस मिलों तक पहुंच सके। जिला विपणन विभाग के अनुसार रामानुजगंज क्षेत्र में धान उठाव शुरू हो चुका है और शेष समितियों में भी जल्द उठाव की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
राइस मिलों से लगातार समन्वय किया जा रहा है और आने वाले दिनों में धान परिवहन की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी है। साथ ही सहकारी समितियों को अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भंडारित धान को किसी प्रकार का नुकसान न हो और किसानों को परेशानी से बचाया जा सके।









