दीपावली की धूम के बीच बांस की सुपेली बनाने में जुटे कारीगर
सुदूरवर्ती ब्लाक नगरा जो उत्तर प्रदेश के बलिया जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित है, के रहने वाले सुरेश अपने पूरे कुनबे के साथ बांस का दऊरा (डलिया) और सूप बनाने में जुटे हैं। उल्लेखनीय है कि कच्चे बांस से निर्मित दऊरा और सूप छठ महापर्व में इस्तेमाल किया जाता है। सूप से व्रती महिलाएं सूर्य को अर्घ्य देती हैं। यही वजह है कि छठ आते ही सूप और दऊरा की मांग बढ़ जाती है। जिला मुख्यालय पर जगह-जगह सूप बनाने वाले अपने काम में लग गए हैं। उन्हीं में सुरेश भी हैं जो अपनी पत्नी, बहू और बेटों संग रेलवे क्रासिंग के पास ओवरब्रिज के नीचे डेरा जमा लिए हैं। पूछने पर उन्होंने बताया कि शहर के आसपास के गावों से बांस खरीद कर लाते हैं और सुपेली और दऊरा आदि बना रहे हैं। दीपावली के बाद लोग छठ की खरीदारी के लिए शहर आते हैं तो सबसे पहले इसी को लेते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ इसी पांच-छह दिनों की बिक्री से उनके परिवार का साल भर का खर्चा निकल जाता है। उन्होंने कहा कि छठ माता हमारे लिए उपहार लेकर आती हैं। बोले कि छठ के बाद हम लोग गांव चले जाते हैं और खेती मजदूरी में लग जाते हैं।









