जैसलमेर में बारिश से फसलों को हुआ नुकसान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी चार-पांच दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा। लेकिन इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने के कारण गर्मी का असर एक बार फिर देखने को मिलेगा।

खेतों में खरीफ फसलों की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है। किसान अब रबी की फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। इस बार मानसून की समय पर बारिश नहीं होने के कारण किसानों को नुकसान झेलना पड़ा। पिछले दिनों बेमौसम बारिश से कटी कटाई फसलें भी चौपट हो गई। खरीफ की फसलों में किसानों को उम्मीद के मुताबिक पैदावार नहीं मिल सकी।

बारिश के बाद पारा एकाएक लुढ़क चुका है। दिन के पारे में 6 व रात के पारे में 3 डिग्री की गिरावट हुई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया। दिन व रात के पारे में 7 डिग्री का अंतर रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से 7.9 डिग्री कम दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री कम रहा।

कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया- जैसलमेर जिले में खरीफ फसलों की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है। अब किसान रबी फसलों की तैयारी में जुटे है। रबी फसलों में सरसों व चने की बुवाई के लिए मौसम अनुकूल है। सरसों व चने की बुवाई के लिए अधिकतम तापमान 30 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास अनुकूल माना जाता है। वर्तमान में तापमान सरसों व चने के लिए अनुकूल है। ऐसे में किसान सरसों व चने की बुवाई कर सकते है। नवम्बर में तापमान अनुकूल होने पर ईसबगोल व जीरा की बुवाई होगी।