हाईकोर्ट ने विवि रजिस्ट्रार को चेताया, नियमानुसार कार्रवाई नहीं तो वेतन से वसूली जाएगी राशि
याचिका में अधिवक्ता सुमन शर्मा ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता को राजस्थान विश्वविद्यालय का कर्मचारी होने के आधार पर विवि प्रशासन ने एक साल के लिए आवास आवंटित किया था। एक साल की अवधि पूरी होने के बाद उसे आवास खाली करने का नोटिस दिया गया और उस पर करीब डेढ लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। इसे चुनौती देते हुए कहा गया कि विवि प्रशासन की ओर से उसके साथ भेदभाव किया जा रहा है। याचिकाकर्ता के समान स्थिति रखने वाले कई लोग इन आवासों में पांच साल की अवधि से अधिक समय से रह रहे हैं और उन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से न तो कोई नोटिस दिया गया और ना ही किसी तरह का जुर्माना लगाया गया। ऐसे में उसके खिलाफ की गई कार्रवाई को रद्द किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने विवि के रजिस्ट्रार को शपथ पत्र पेश कर जानकारी देने को कहा है।









