कन्हैयालाल हत्याकांड पर एनआईए की ढिलाई, हम छह माह में सजा दिला देते- पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत
पूर्व सीएम ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) पर सवाल उठाते हुए कहा कि केस शुरू से ही एजेंसी के पास है। चालान पेश हो चुका है, लेकिन कुल 166 गवाहों में से 15 की गवाही भी पूरी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि इतनी लापरवाही उन्होंने आज तक नहीं देखी। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या करने वाले दोनों आरोपी बीजेपी के कार्यकर्ता थे। उन्होंने कई बार यह सवाल उठाया, लेकिन भाजपा ने आज तक इसका खंडन नहीं किया। हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह आए थे, उम्मीद थी कि वे इस पर कुछ कहेंगे, लेकिन उन्होंने भी चुप्पी साधी रही।
गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी तीखे शब्दों में निशाना साधा। गहलोत बोले कि वे उन्हें समस्याओं पर लगातार पत्र लिखते हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं आता। पूर्व सीएम अगर वर्तमान सीएम को पत्र लिखे तो प्राथमिकता होनी चाहिए। पहले लोगों को लगता था कि राज देख रहा है, अब लगता है राज घूम रहा है। उन्होंने धौलपुर दौरे का उदाहरण देते हुए कहा कि बाढ़ग्रस्त इलाके में जाने की बजाय सीएम ने हेलीपैड पर ही लोगों से मुलाकात की।
अन्नपूर्णा योजना बंद करने पर गहलोत ने कहा कि हम गरीबों को थैले में राशन भरकर दे रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी खाली थैला दे रहे हैं। सीएम का थैला भरा था और पीएम का खाली। नाम बदलो, पर काम मत बदलो। उनकी फोटो हटाकर सीएम भजनलाल शर्मा की लगा देते, लेकिन स्कीम बंद नहीं करनी चाहिए थी।
गहलोत ने कहा कि आज चुनाव आयोग, ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। इन एजेंसियों ने विपक्ष के खिलाफ आतंक मचा रखा है। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से सवाल पूछा तो वे एफिडेविट मांगने लगे। उन्हें जांच कर सही तथ्य सामने रखने चाहिए।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पर टिप्पणी करते हुए गहलोत ने कह कि राठौड़ शरीफ आदमी हैं। सीएम को चाहिए कि उनका विशेष ध्यान रखें। एक बार उन्होंने छात्रों से धरने में शामिल होने का वादा किया, लेकिन गए नहीं। कम से कम मिलकर प्रार्थना पत्र तो ले सकते थे।









