डूसू के चुनाव प्रचार में लग्जरी गाड़ियों के इस्तेमाल पर हाई कोर्ट नाराज, जीते उम्मीदवारों को जारी किया नोटिस
सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने कहा कि उम्मीदवारों और छात्र संगठनों ने कोर्ट के पिछले साल के आदेश के बावजूद कोई सबक नहीं लिया जिसमें चुनाव परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि ये समाज के लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली के लिए काफी दुख का विषय है।
कोर्ट ने 17 सितंबर को चुनाव के बाद दिल्ली में जीत का कोई भी जुलूस निकालने पर रोक लगा दिया था। कोर्ट ने कहा था कि हम डूसू चुनाव में हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं लेकिन अगर चुनाव संतोषजनक तरीके से संपन्न नहीं कराए गए तो हम पदाधिकारियों का काम रोक सकते हैं। डूसू का चुनाव 18 सितंबर को संपन्न हुआ और 19 सितंबर को परिणाम घोषित किए गए।
16 सितंबर को भी कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा था कि वे केवल उम्मीद कर सकते हैं कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव के दौरान सभी नियमों का पालन होगा। कोर्ट ने कहा था कि नियमों के पालन की जिम्मेदारी दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली पुलिस और छात्र संगठनों की है। 15 सितंबर को कोर्ट ने चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को चेतावनी दी थी कि अगर नियमों और दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया तो अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।









