आयुर्वेद प्रकृति के साथ सामंजस्य में निहित एक जीवन विज्ञान है : प्रतापराव जाधव
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 2016 में अपनी स्थापना के बाद से, आयुर्वेद दिवस भारत के पारंपरिक ज्ञान का उत्सव मनाने वाले एक वैश्विक आंदोलन के रूप में उभरा है। प्रथम अखिल भारतीय एनएसएसओ सर्वेक्षण इस बात की पुष्टि करता है कि आयुर्वेद ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली उपचार प्रणाली है। 2025 का विषय समग्र स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी संतुलन को आगे बढ़ाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
उल्लेखनीय है कि 2024 में आयुर्वेद दिवस पर लगभग 150 देशों में गतिविधियों का आयोजन किया गया और यह आयुर्वेद की बढ़ती वैश्विक पहुंच की पुष्टि करती हैं।









