नैनीताल हाई कोर्ट ने पूछा विस्थापन के लिए कौन कौन सी जगह चिन्हित किया है, कोर्ट को बताएं
नैनीताल हाई कोर्ट ने पूछा विस्थापन के लिए कौन कौन सी जगह चिन्हित किया है, कोर्ट को बताएं
-अब सुनवाई 19 मई को होगी
नैनीताल, 13 मई (हि.स.)। हाई कोर्ट ने सड़क चौड़ीकरण व सौंदर्यींकरण के नाम पर सड़क किनारे मलिन बस्ती में रहने वालों को बिना पूर्व सूचना के बेदखल करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद कहा कि उनके विस्थापन के लिए कौन-कौन सी जगह को चिन्हित किया है। कोर्ट को बताए जाए। अब मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 मई की तिथि नियत की है। कोर्ट ने पूर्व में सरकार को शपथपत्र के माध्यम से यह बताने को कहा था। कोर्ट ने इस संबंध में फोटाग्राफ भी पेश करने के निर्देश दिए थे।मुख्य न्यायधीश नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हल्द्वानी निवासी आफताब आलम ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हल्द्वानी से काठगोदाम के बीच हुए सड़क चौड़ीकरण के दौरान मलिन बस्ती के निवासियों को बिना किसी पूर्व सूचना के बेदखल किया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि प्रशासन ने जेसीबी मशीनों का प्रयोग कर बस्ती के निवासियों को अचानक बेदखल कर दिया, जिससे उन्हें न तो अपनी आवश्यक वस्तुएं समेटने का न अवसर मिला और न ही कोई पूर्व नोटिस दिया गया। उन्होंने तर्क दिया कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
—————









