देश में पहली बार पढ़ाई जाएगी पंचगव्य चिकित्सा
देश में पहली बार पढ़ाई जाएगी पंचगव्य चिकित्सा
राज्यपाल ने किया प्रशिक्षण कार्यक्रम के पोस्टर व एवं पुस्तिका का विमोचन
जोधपुर, 13 मई (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय एवं गौ संवर्धन आश्रम मोकलावास के संयुक्त तत्वावधान में देश का पहला पंचगव्य स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम के पोस्टर एवं पुस्तिका का विमोचन राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जयपुर में किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि चिकित्सा एवं गौ संवर्धन के क्षेत्र में देश में पहली बार प्रारंभ किए जाने वाले इस स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के अंतर्गत गाय के दूध, दही गोमूत्र, गोबर और घी की स्वास्थ्य संरक्षण एवं संवर्धन के साथ प्राचीन भारतीय चिकित्सा विज्ञान की धरोहर आयुर्वेद में रोगों के निवारण में पंचगव्य की उपयोगिता की वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की जाएगी।
इस पंचगव्य स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में सीटों की प्रवेश क्षमता अभी प्रति बैच तीस रखी गई है। पाठ्यक्रम की कक्षाओं का संचालन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम आयुर्वेद, पंचगव्य चिकित्सा, भारतीय गौवंश के संवर्द्धन, पंचगव्य उत्पाद निर्माण, विपणन, तथा आत्मनिर्भर स्वास्थ्य पद्धति में रुचि रखने वालों के लिए एक सुनहरा अवसर है।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर पाठ्यक्रम के समन्वयक एवं यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ नेचरोपैथी एंड योगिक साइंसेस जोधपुर के प्राचार्य वैद्य चंद्रभान शर्मा, पाठ्यक्रम के सह समन्वयक एवं गौ संवर्धन आश्रम मोकलवास जोधपुर के सचिव राकेश निहाल लक्ष्य पर्यावरण एवं गौ संरक्षण संस्था के अध्यक्ष नंदलाल भाटी उपस्थित रहे।









