आगरा: ज्वेलर की हत्या के बाद परिवार ने उठाए पुलिस पर सवाल, तीन अंगूठियां भी चोरी!

आगरा के सुप्रसिद्ध ज्वेलर योगेंद्र चौधरी की हत्या के बाद पुलिस ने बदमाशों का सिर्फ 3 किलोमीटर तक ही पता लगाया है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस को शास्त्रीपुरम इलाके के लखनपुर गांव में बदमाशों की अंतिम लोकेशन मिली है। यहां से आगे ट्रेसिंग संभव नहीं हुई क्योंकि तीन अलग-अलग रूट विभिन्न गंतव्यों की ओर जाते हैं। इन रूटों में पहला फतेहपुर सीकरी होकर जयपुर, दूसरा मथुरा-वृंदावन और तीसरा दिल्ली हाईवे की ओर जाता है। पिछले 24 घंटों में आगरा पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की है और बदमाशों को पकड़ने के लिए दस अलग-अलग पुलिस टीमों को तैनात किया गया है। इस बीच, योगेंद्र चौधरी के परिवार के लिए यह समय बेहद मुश्किल भरा है, खासकर जब उन्होंने 20 लाख रुपये की ज्वेलरी चोरी हो जाने के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।

योगेंद्र चौधरी की हत्या के 30 घंटे बाद उनके घर के बाहर व्यापारियों का जमावड़ा बना हुआ है। वहां पर लोगों में डर और गुस्सा दोनों ही देखने को मिल रहे हैं। परिवार के सदस्यों ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। योगेंद्र के छोटे बेटे सागर ने बताया कि उनके पिता की हत्या के वक्त उनके हाथ में तीन अंगूठियां थीं, जो अब लापता हैं। उन्होंने यह चिंता भी जताई कि पोस्टमार्टम के दौरान अंगूठियों की चोरी भी हो सकती है। इस सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर व्यापारी समुदाय में गहरी चिंता व्याप्त है।

योगेंद्र चौधरी ने लगभग 30 साल पहले ज्वेलरी व्यवसाय में कदम रखा था और धीरे-धीरे न्यू आगरा से लेकर उनका कारोबार एक बड़े शोरूम तक पहुंच गया। उनका जीवन संघर्ष और सफलता की एक प्रेरणादायक कहानी है। उनके बेटे बताते हैं कि परिवार का व्यापार अनवरत बढ़ता गया और व्यापार के साथ-साथ उनके पास रेस्टोरेंट का कारोबार भी शुरू हुआ। अब उनके पास व्यवसाय की एक बेहतर स्थिति है, फिर भी यह त्रासदी ने पारिवारिक जीवन को हिलाकर रख दिया है। योगेंद्र की हत्या के दिन वह अपने नियमित कार्यों में व्यस्त थे, और उन्हें अपने दिन की शुरुआत सुंदरकांड के पाठ के साथ करनी थी, लेकिन दुर्भाग्य से वह उस दिन ऐसा नहीं कर पाए।

योगेंद्र के बड़े बेटे आशीष ने बताया कि वारदात के वक्त दुकान में कितनी सारी ज्वेलरी मौजूद थी, इसकी सही जानकारी नहीं हो पाई। कर्मचारियों ने बताया कि बदमाश अपने साथ 20 लाख रुपये से अधिक की ज्वेलरी लेकर भाग गए थे। बदमाशों द्वारा पकड़े गए स्टाफ को हथियार की नोंक पर धमकाया गया था, जिससे वह किसी भी तरह की प्रतिरोध नहीं कर पाई। इस घटना ने न केवल परिवार को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे व्यापारी समुदाय में असुरक्षा का माहौल बना दिया है। आने वाले समय में व्यापारी किसी भी आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं और इसके प्रति जागरूकता की आवश्यकता है।

पारिवारिक सदस्यों और समुदाय के लोगों ने मिलकर न्याय की मांग की है और अगले कदम के रूप में कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसा कुछ न हो, और जो भी दोषी है, उसे कड़ी सजा मिले। यह घटना केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं बल्कि समाज के एक बड़े हिस्से की सुरक्षा और स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़ा करती है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन से आस लिए लोग जल्द से जल्द न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।