“वाराणसी में छात्र की मौत: हेमंत की मां की मांग- आरोपियों को फांसी दी जाए!”
“हेमंत मेरे लिए बहुत खास था। उसका पढ़ाई में कोई सानी नहीं था। घर पर भी वह कम आता था। अगर कभी गलती भी करता, तो स्कूल हमें बताता, न कि ऐसा जघन्य अपराध कर देता।” यह दुखद बयान है हेमंत सिंह की मां आशा देवी का। हेमंत, जो वाराणसी के मरुई गांव का निवासी था, एक बेहद प्रतिभाशाली छात्र था। दुर्भाग्यवश, 22 अप्रैल को ज्ञानदीप इंग्लिश स्कूल के जॉइंट डायरेक्टर यजुवेंद्र सिंह उर्फ रवि द्वारा उसकी हत्या कर दी गई थी। हत्या की घटना के बाद तीन व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया गया, जिनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। दैनिक भास्कर ने हेमंत के परिजनों से बातचीत की, जिसमें उसकी शिक्षकीय क्षमता, उसके व्यक्तित्व और उनके न्याय की मांग पर चर्चा की गई है।
हेमंत के परिवार का कहना है कि उन्हें केवल न्याय की आवश्यकता है। उसकी मां आशा देवी का कहना है, “हमें किसी चीज़ की नहीं, केवल न्याय की चाहत है। हम चाहते हैं कि हत्यारों को फांसी दी जाए। हमारे पास और कोई मांग नहीं है। हेमंत का बचपन उसके दादा-दादी के पास बीता और वह हमेशा पढ़ाई में अव्वल रहा।” वहीं, हेमंत के चाचा शमेशर सिंह वर्मा ने भी उसकी हत्या को एक सख्त अपराध करार दिया और कहा कि यदि वह गलत संगत में था, तो स्कूल प्रबंधन को उसके माता-पिता से संपर्क करके उन्हें सूचित करना चाहिए था। उन्होंने इस जघन्य हत्या को लेकर अपनी संतोषजनक पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया और कहा कि इंसाफ की मांग करना उनका अधिकार है।
हेमंत के पिता, कैलाशनाथ वर्मा, जो खुद एक वकील हैं, भी पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा, “अभी तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है, केवल एक को पकड़ा गया है। मुझे लगता है कि या तो पुलिस में हीला-हवाली हो रही है या फिर किसी दबाव के कारण मामले को हल्के में लिया जा रहा है। हमें सभी आरोपियों को सज़ा दिलाने की जरूरत है, साथ ही स्कूल की मान्यता भी रद्द की जानी चाहिए।”
इस बीच, आरोपित यजुवेंद्र सिंह ने अपनी सफाई में कहा है कि यह हादसा छीना-झपटी में हुआ था। उसने तमाम घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए यह भी कहा कि स्कूल की एक टीचर ने यह आरोप लगाया था कि हेमंत उनकी बेटी को परेशान कर रहा था, जिसके बाद वह उसे समझाने के लिए बुलाने आए थे। इसका नतीजा एक अप्रत्याशित विवाद में निकल पड़ा, जिससे गोली चल गई।
वहीं, स्थानीय विधायक पल्लवी पटेल ने भी इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने 26 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था, जिसमें वह सांसद कार्यालय का घेराव करने वाली थीं। पुलिस ने इस मामले में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जिसमें प्रमुख अधिकारी और सदस्य शामिल हैं, ताकि हेमंत के परिवार को शीघ्र और निष्पक्ष न्याय मिल सके।
यह केस न केवल हेमंत के परिवार, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में पूरे देश की नजर इस मामले पर है, जो न्याय की प्रतीक्षा में है।









