सीएम ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, मानसून से पहले युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू
सीएम ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, मानसून से पहले युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू
– सात अति-संवेदनशील जलभराव स्थलों की सीधी निगरानी प्रमुख सचिव और इंजीनियर-इन-चीफ द्वारा की जाएगी
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की गई। बैठक में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और मुख्य सचिव धर्मेंद्र भी मौजूद रहे। इस समीक्षा बैठक के दौरान राजधानी में जलभराव की स्थिति, नालों की सफाई, ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत और सड़कों की हालत को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने बैठक में जलभराव के प्रत्येक बिंदु पर नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों के लिए ठोस एक्शन प्लान प्रस्तुत करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सात अति-संवेदनशील जलभराव स्थलों की सीधी निगरानी प्रमुख सचिव और इंजीनियर-इन-चीफ द्वारा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि जूनियर इंजीनियर से लेकर उच्च अधिकारियों तक प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाए और हर बिंदु पर निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि दिल्ली को जलभराव-मुक्त, स्वच्छ और सुगम बनाने के लिए कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त सड़कों के सुदृढ़ीकरण, गड्ढों की मरम्मत और सेन्ट्रल वर्जेस को हरा-भरा बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार के द्वारा मानसून से पहले ही युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान दिल्ली में जलभराव की समस्या को रोकने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से कार्यरत है। आज पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ अब तक की गई तैयारियों की गहन समीक्षा की गई है। साथ ही पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की स्थिति का भी आकलन किया गया है।
इसके अतिरिक्त सभी चिह्नित जलभराव स्थलों पर तैनात अधिकारियों की स्थिति की समीक्षा भी की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक नोडल अधिकारी की ज़िम्मेदारी तय हो और समय पर कार्रवाई हो।
उन्होंने आगे बताया कि जलभराव से निपटने के लिए एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी ) तैयार की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। सरकार न केवल जल निकासी पर बल्कि दिल्ली की सड़कों, फुटपाथों, फ्लाईओवर, नालों और दीवारों की स्वच्छता व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दे रही है। पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की सख्ती से समीक्षा की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के द्वारा पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत 335 जलभराव स्थानों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से 232 जगहों पर शॉर्ट टर्म वाले कार्य और 52 जगहों पर लॉन्ग टर्म कार्यों को समय से पहले पूर्ण कर लिया गया है। साथ ही शेष 51 चिह्नित स्थानों पर भी कार्य तेजी से चल रहा है और उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी में मानसून से पहले सड़क ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसमें पीडब्ल्यूडी के तहत 101 सड़कों की सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है, जिन्हें मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त राजधानी में सड़क पर मौजूद गड्ढों के मरम्मत कार्य को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। इस दिशा में सभी विभागों को जिम्मेदारी से कार्य करने का स्पष्ट संदेश दिया गया है। हम किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मुख्यमंत्री ने राजधानी को अधिक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-संवेदनशील बनाने की दिशा में अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिल्ली की सेंट्रल वर्जेस को हरा-भरा और सौंदर्ययुक्त बनाया जाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए कि नालों की गहराई से सफाई कर गाद निकालने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द से किया जाए।
इसके साथ ही शहर भर में कचरा हटाने और स्वच्छता अभियानों को और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि सभी सार्वजनिक स्थानों से अवैध पोस्टर और बैनरों को हटाने का सख्त निर्देश दिया गया है।
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