मेरठ में दरिंदगी: दिव्यांग बच्ची से रेप, 17 जगह काटा, प्राइवेट पार्ट को गंभीर नुकसान!

यूपी के रामपुर जिले में एक दिल को दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 11 वर्षीय दलित बच्ची के साथ दरिंदगी की गई है। आरोपी, 24 वर्षीय दान सिंह, ने बच्ची को इस पहले से ज्ञात मानसिक और शारीरिक कमजोरी का फायदा उठाकर अपना शिकार बनाया। बच्ची तीन दिन से बेहोश है और उसका इलाज मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। डॉक्टर्स ने बताया कि बच्ची के शरीर पर दांत के काटने के 17 निशान हैं, और उसकी प्राइवेट पार्ट्स भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उसकी जान बचाने के लिए पेट से दो ट्यूब लगाई गई हैं और डॉक्टरों का कहना है कि उपचार में तीन महीने का समय लगेगा।

घटना 15 अप्रैल की शाम की है, जब बच्ची अपनी बहन के साथ खेत पर उपले (कंडे) इकट्ठा करने गई थी। लेकिन वह अचानक लापता हो गई। उसके परिवारजन रातभर उसकी तलाश करते रहे, और अगले दिन उसे बेहोशी की हालत में एक खेत में पाया गया। परिजनों ने तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे गंभीर हालत में मेरठ के मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दान सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जिसके पैर में मुठभेड़ के दौरान गोली लगी है।

आरोपी दान सिंह बच्ची के पड़ोस में ही रहता है और उसे अच्छी तरह से जानता था। ऐसा अनुमान है कि वह पहले से बच्ची पर नज़र रख रहा था और मौका मिलते ही उसने उसे अगवा किया। इस मामले में परिवार के सदस्यों का कहना है कि रात में थ्रेसिंग मशीनों के शोर में बच्ची की चीखें दब गई थीं, इसलिए किसी ने उसकी मदद नहीं की। फिलहाल, बच्ची की माँ और उसके ताऊ ही उसकी देखभाल कर रहे हैं, और परिवार इस नृशंसता के कारण बेहद आहत है।

रामपुर के एसपी विद्यासागर मिश्रा ने मामले की गंभीरता को स्वीकारते हुए कहा कि आरोपित दान सिंह के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं, विपक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए हैं कि सरकार कब तक इस प्रकार के अपराधों को रोकने में असफल रहेगी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी इस घटना की निंदा की है और सरकार से न्याय की मांग की है।

इस अत्याचार ने समाज में एक बार फिर महिला और दलित सुरक्षा के मुद्दे को उठाया है। राजनीतिक नेताओं ने मांग की है कि दोषियों को सख्त सजा मिले और पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय प्रदान किया जाए। ऐसे मामलों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की जा रही है ताकि न्याय जल्दी मिल सके। रामपुर की इस घिनौनी घटना ने सभी को चिंतित कर दिया है और समाज में मानवता को शर्मसार किया है।