इमरान हाशमी का नया अवतार: कश्मीर के सबसे बड़े ऑपरेशन की रोमांचक कहानी!

इमरान हाशमी की नई फिल्म ‘ग्राउंड जीरो’ 25 अप्रैल को सिनेमा घरों में दस्तक देने जा रही है। इस बार इमरान हाशमी एक अलग रूप में नजर आएंगे, जहां वह बीएसएफ ऑफिसर नरेंद्र नाथ धर दुबे की भूमिका निभाते हुए दिखेंगे। यह फिल्म एक वास्तविक घटना पर आधारित है और इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि तालिस्मान प्रोडक्शन इसके सह-निर्माता हैं। दैनिक भास्कर के साथ एक विशेष बातचीत में, तालिस्मान प्रोडक्शन के अभिषेक कुमार और निशिकांत रॉय ने फिल्म के निर्माण की प्रक्रिया और कहानी पर चर्चा की।

इस बातचीत में जब तालिस्मान प्रोडक्शन के नाम के बारे में पूछा गया, तो अभिषेक ने कहा कि “तालिस्मान” का अर्थ जादू है, और उनकी कहानीकार पहचान के साथ यह नाम उनके सपनों को पूरा करने का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा कि अगर उनकी कंपनी का नाम तालिस्मान है तो ऑडियंस को उनकी बनायीं गई कहानियों में एक विशेष जादू का अनुभव होगा।

फिल्म की कहानी बीएसएफ कमांडेंट नरेंद्र नाथ धर दुबे पर आधारित है और इसे एक ऐसे तथ्यात्मक फिक्शन के रूप में पेश किया गया है जो दर्शकों को एक नई दृष्टि देगी। अभिषेक ने शेयर किया कि उन्हें नरेंद्र जी की कहानी तब मिली जब उन्होंने उनके साथ एक इवेंट में मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद जब उन्होंने बातचीत की, तो उन्होंने कश्मीर के समय का विस्तृत वर्णन किया, जो फिल्म के लिए बहुत ही समृद्ध सामग्री प्रदान की।

इस फिल्म का एक और महत्वपूर्ण पहलू इमरान हाशमी का किरदार है। जब उनसे पूछा गया कि इमरान की कास्टिंग क्यूं की गई, तो निशिकांत ने बताया कि फिल्म पर काम शुरू होने से पहले कोई सितारा निश्चित नहीं था। लेकिन बाद में एक्सेल एंटरटेनमेंट के निर्माता रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इमरान पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि इमरान ने इस पात्र में खुद को पूरी तरह से ढाला है और उनके किरदार को वास्तविकता में जीने की कोशिश की है।

कश्मीर में शूटिंग के अनुभव पर बात करते हुए, अभिषेक ने कहा कि BSF ने उन्हें बहुत सहयोग दिया और कश्मीर में शूटिंग के दौरान उन्हें कोई विशेष चैलेंज का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि कश्मीर की वास्तविकता और लोगों की संगति ने उन्हें एक नया अनुभव दिया। फिल्म के माध्यम से वे कश्मीर और वहां के लोगों की एक सकारात्मक छवि प्रस्तुत करना चाहते हैं।

अंत में उन्होंने कहा कि इस फिल्म के जरिए वे उस शौर्य गाथा को चित्रित करने की कोशिश कर रहे हैं जो बीएसएफ के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। निशिकांत ने भी यह बात दोहराई कि बीएसएफ के अधिकारी फिल्म को देखकर खुश हैं और उनके मैसेज से यह स्पष्ट होता है कि उन्हें अपनी कहानी पर्दे पर देखने का सौभाग्य मिला है। इस फिल्म के माध्यम से तालिस्मान प्रोडक्शन आगे भी अन्य प्रेरणादायक कहानियों पर काम करने की योजना बना रहा है।