17 जिलों पर गर्मी का कहर, 4 में रेड अलर्ट; क्या जैसलमेर का रिकॉर्ड टूटेगा?

राजस्थान में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, जयपुर और जोधपुर सहित 17 जिलों में 17 अप्रैल के लिए लू की चेतावनी जारी की गई है। इनमें से चार जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। हाल ही में जैसलमेर जिले में दिन का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले छह सालों में अप्रैल माह का सबसे उच्चतम तापमान है। यह जिले के औसत तापमान से लगभग 7 डिग्री अधिक था। अन्य जगहों, जैसे फलोदी, बीकानेर और गंगानगर में भी तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है।

राजधानी जयपुर में गर्मी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। बुधवार को यहां का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले दिन की तुलना में एक डिग्री अधिक है। सुबह से ही आसमान साफ था और तेज धूप के चलते गर्म हवाएं चल रही थीं। जयपुर में बुधवार का न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह, अलवर में भी तापमान 1.7 डिग्री बढ़कर 39.2 डिग्री सेल्सियस हो गया।

मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर और जोधपुर में लू के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, नागौर, जालोर और चित्तौड़गढ़ में भी लू की स्थिति रहेगी, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पाली, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, अजमेर, जयपुर, सीकर, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़ और झुंझुनूं के लिए येलो अलर्ट सक्रिय रहेगा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राजस्थान के अनेक क्षेत्रों में गर्मी और लू का प्रभाव बना रहेगा।

इस समय राज्य में मौसम की विषम परिस्थितियों के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस संदर्भ में, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लू के प्रभाव से निपटने के लिए आम नागरिकों को अधिक से अधिक पानी पीने, धूप में जाने से बचने और हल्के वस्त्र पहनने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य सेवाओं में भी इस समय विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या का सामना न करना पड़े।

भविष्य में मौसम के मिजाज में बदलाव की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। राज्य सरकार और संबंधित विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और नागरिकों को समय-समय पर मौसम की जानकारी देने का प्रयास कर रहे हैं। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होती है या स्थिति में सुधार होगा।