जलियांवाला बाग में शहीदों की अनोखी श्रद्धांजलि, जानिए क्या हुआ ख़ास!
अमृतसर | पंजाब फेडरेशन फाइटर उत्तराधिकारी संस्था ने जलियांवाला बाग में बैसाखी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 200 सदस्यों का समूह शामिल हुआ। संस्था के ऑल इंडिया कमेटी के सदस्य लखविंदर सिंह झंडा और कुलवंत सिंह ने जलियांवाला बाग में पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह समारोह शहीदों की याद में आयोजित किया गया था, जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दी थी।
इस उपलक्षण पर सभी सदस्यों ने मिलकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने सर्वसहमति से यह तय किया कि देशभर में स्थित सभी स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को एकजुट किया जाएगा। इसके माध्यम से उनकी मांगों को शक्तिशाली तरीके से उठाने का और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया गया। इस अवधि में, ये परिवार अपनी मांगों को न्याय दिलाने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर संस्था के प्रमुख सदस्य व पंजाब प्रधान चेतन सिंह सेखों, जिला प्रधान रामपाल सिंह, सतनाम सिंह तरनतारन के प्रधान, राम सिंह नवां शहर के प्रधान, अवतार सिंह प्रधान रायकोट, और रोपड़ के प्रधान बलदेव सिंह भी उपस्थित रहे। सभी नियुक्त सदस्यों ने इस पहल का समर्थन किया और यह सुनिश्चित करने की बात की कि स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों की शिकायतें और मांगों को उचित मंच पर उठाया जाए।
बैसाखी का पर्व एक महत्वपूर्ण अवसर है जो पंजाब के इतिहास और संस्कृति को संघटित करता है। इस दौरान जलियांवाला बाग में एकत्रित होकर, सदस्यों ने शहीदों की कुर्बानियों को याद किया और उनकी भावना को आगे बढ़ाने में अपनी तत्परता दिखाई। यह कार्यक्रम स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक सशक्त माध्यम रहा, जिसने नई पीढ़ी को उनके योगदान की अहमियत समझाने का कार्य किया।
संस्थान द्वारा प्रमोट की जा रही यह एकता और संगठनात्मक शक्ति न केवल स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पूरे समाज को उनके योगदान की ओर प्रेरित करने हेतु काम करेगी। यह प्रयास सभी नागरिकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि वे देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझें और निभाएं। ऐसे आयोजन, एकजुटता और संघर्ष की भावना को बखूबी प्रदर्शित करते हैं, जिससे लोगों में एक नई ऊर्जा का संचार होता है।









