जाट शब्द का एक्टर्स पर असर: सनी देओल का डीएनए, रणदीप का हनुमान, विनीत का ह्यूमर!

फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता सनी देओल 10 अप्रैल को अपनी नई फिल्म ‘जाट’ के साथ बड़े पर्दे पर लौट रहे हैं। यह फिल्म एक्शन से भरपूर है और इसमें सनी देओल के साथ अभिनेता रणदीप हुड्डा और विनीत कुमार सिंह भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ है, जिसे दर्शकों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। ‘जाट’ का निर्देशन प्रसिद्ध तेलुगु फिल्मकार गोपीचंद मालिनेनी द्वारा किया गया है, जो हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं। इस फिल्म में सनी देओल के क्लासिक डायलॉग “ढाई किलो का हाथ” का भी प्रयोग किया गया है, जो फिल्म की विशेषता से एक महत्वपूर्ण पहलू बन गया है।

इस फिल्म के प्रचार के लिए दैनिक भास्कर ने सनी देओल, रणदीप हुड्डा और विनीत कुमार सिंह का इंटरव्यू लिया, जिसमें फिल्म से संबंधित कई दिलचस्प बातें साझा की गईं। जब सनी देओल से पूछा गया कि “जाट” शब्द सुनते ही उनके दिमाग में क्या आता है, तो उन्होंने कहा कि जाट लोगों को खाना-पीना और किसी अन्याय को रोकने का शौक होता है। वहीं, रणदीप ने कहा कि हनुमान जी भी जाट हैं, क्योंकि उन्हें अपने आदर्शों के लिए लड़ने में गर्व होता है। उन्होंने जाटों की वीरता और उनके विभिन्न क्षेत्रों में योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि फिल्म ‘जाट’ में भी यही भव्यता दर्शायी जाएगी।

विनीत कुमार सिंह ने भी अपनी राय साझा की और कहा कि जाट शब्द उनके लिए हास्य, वीरता और दोस्ती का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि उनके कई जाट दोस्त हैं, जो हमेशा उनसे फिल्म प्रीमियर के लिए लग्जरी गाड़ी लाने के लिए कहते हैं। जब सनी से यह पूछा गया कि क्या ‘जाट’ शब्द उनकी असल जिंदगी से मेल खाता है, तो उन्होंने कहा कि यह उनके डीएनए में शामिल है। उन्होंने अपने भीतर छिपे गुणों का लोहा मानते हुए कहा कि हमारी प्रकृति में कुछ ऐसी बातें होती हैं, जिनका पता हमें नहीं होता है।

जब रणदीप से उनके किरदार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने ‘जाट’ का रोल नहीं निभाया है, बल्कि एक दक्षिण भारतीय विलेन की भूमिका निभाई है, जो शुरू में उन्हें समझने में कठिनाई पैदा कर रहा था। वहीं, विनीत ने अपने अनुभव पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्‍होंने ‘मुक्काबाज’ के दौरान जाटों के साथ समय बिताया और उनकी संस्कृति को करीब से जाना।

इस फिल्म में सनी देओल के प्रसिद्ध डायलॉग “ढाई किलो का हाथ” को नए अंदाज में पेश किया गया है। सनी ने इस पर कहा कि जबकि वह इस तरह की चीजों में संकोच करते हैं, लेकिन निर्देशक की दृष्टिकोण का सम्मान करते हुए उन्होंने उसे अपनाया। फिल्म में इस संवाद का प्रभावशाली ढंग से उपयोग किया गया है, जिसे दर्शकों ने पहले ही ट्रेलर में देखकर सराहा है। अंत में, सनी ने अपनी युवा अवस्था के झगड़ों को याद करते हुए कहा कि वे अक्सर छोटी-छोटी बातों पर पंगा लेते थे, जो अब सोचने पर थोड़ा हास्यास्पद लगता है।

फिल्म ‘जाट’ को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है, और यह देखना रोचक होगा कि यह फिल्म सिनेमाघरों में कैसी प्रतिक्रियाएँ प्राप्त करती है। भारतीय सिनेमा में देओल परिवार की अपार योगदान को देखते हुए, यह फिल्म उनके फैंस के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है।