IGJS जयपुर में 624 कैरेट का दुर्लभ एक्वामरीन बॉक्स: बेशकीमती एमरल्ड अंगूठी भी प्रदर्शित!

जयपुर में हाल ही में आयोजित इंटरनेशनल जेम एंड ज्वैलरी शो (IGJS) के चौथे संस्करण में एक बेहद खास एक्वामरीन बॉक्स ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह शो नोवोटेल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया, जहां इस विशेष बॉक्स के चारों ओर लगातार भीड़ बनी रही। उद्घाटन से लेकर समापन तक, उपस्थित दर्शकों ने इसकी शानदार कारीगरी की खूब प्रशंसा की। ज्वेलर राजेंद्र द्वारा प्रदर्शित 624 कैरेट का यह एक्वामरीन बॉक्स अपने बारीक काम और मूल्यवान सामग्री के लिए प्रसिद्ध है। इस पर प्राकृतिक सोने और हीरे की बारीक कारीगरी की गई है, जबकि बॉक्स के ऊपर नीलम का एक खूबसूरत पत्थर जड़ा हुआ है। राजेंद्र ने बताया कि यह अनमोल पीस लगभग 50 वर्ष पूर्व बनाया गया था और वर्तमान में इसे दोबारा बनाना संभव नहीं है, क्योंकि इतने बड़े और साफ एक्वामरीन स्टोन का मिलना कठिन है और इस तरह की बारीक कारीगरी करने वाले कुशल कारीगर अब नहीं रहे।

एक्वामरीन बेजोड़ बेरिल परिवार का रत्न है, जो हलके नीले से हलके हरे रंग में पाया जाता है। इस रत्न से जुड़े पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इसे वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। शो में भले ही कई अन्य सेमी-प्रेशियस स्टोन्स की विविधता देखने को मिली, लेकिन यह एक्वामरीन बॉक्स अपनी अनोखी कारीगरी और ऐतिहासिक महत्व के चलते सभी का विशेष आकर्षण बना रहा।

इस शो में एक और विशेष आभूषण, 400 कैरेट की एमराल्ड अंगूठी ने भी सभी का ध्यान खींचा। ज्वेलर राजेंद्र ने बताया कि यह अंगूठी न केवल अपने आकार में बेजोड़ है, बल्कि इसे बिना किसी जोड़-तोड़ के एक ही टुकड़े से बनाया गया है, जिससे इसकी शुद्धता और गुणवत्ता को दर्शाया जा सकता है। यह अंगूठी जयपुर की कला का उत्कृष्ट नमूना है, जो पूरी तरह से पन्ने से बनी है।

इसके अलावा, अमेरिका, यूके, यूरोप, ओशिनिया, रूस जैसे देशों से आए विजिटर्स को एक अन्य नई वेरायटी का जेम्स स्टोन, ‘एक्वाफेस स्टोन’ भी बेहद पसंद आया। ज्वेलर नताशा चौरडिया ने बताया कि यह कुछ सालों में नई खोज है और इसकी विशेषता यह है कि इसे कोलंबियन एमराल्ड से भिन्नता के रूप में देखा जा सकता है। एक्वाफेस स्टोन 400 कैरेट का था और इसकी कीमत 50 हजार रुपए रखी गई थी।

आखिर में, आईजीजेएस में 62 स्टॉल्स पर 50 से अधिक कंपनियों ने अपने रत्न और आभूषण का प्रदर्शन किया। इस शो में 28 देशों सहित अमेरिका, यूके, यूरोप, ओशिनिया और रूस के 180 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की उपस्थिति रही। इस अद्वितीय शो ने एक बार फिर ज्वेलरी उद्योग में भारतीय कारीगरी की उत्कृष्टता को प्रदर्शित किया।