‘नोएडा में प्रोजेक्ट मैनेजर ने सोती पत्नी की हत्या की: तानों से तंग आकर थाने पहुंचा पति’

नोएडा में एक बेहद ही shocking मामला सामने आया है, जहां नूरउल्ला हैदर नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी आसमा खान की हत्या कर दी। यह घटना 4 अप्रैल को हुई और नूरउल्ला ने खुद ही पुलिस स्टेशन जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। उसने पुलिस के सामने अपने अपराध का पूरा सच बयान किया कि उसकी पत्नी हमेशा उसे ताना मारती थी, जिससे वह मानसिक तनाव में था। नूरउल्ला ने कहा, “मैं उसके ताने से तंग आ गया था। रोज-रोज की लड़ाई से बेहतर यही लगा कि मैं उसे मार दूं। जब वह सो रही थी, तब मैंने किचन से चाकू लाकर उसकी गर्दन काट दी। उसके बाद मैंने हथौड़ी से उसके सिर और चेहरे पर वार कर उसकी हत्या कर दी।”

पुलिस ने नूरउल्ला को गिरफ्तार कर लिया और हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू और हथौड़ी को भी बरामद किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, नूरउल्ला पिछले 10 साल से बेरोजगार था जबकि उसकी पत्नी आसमा खान एनएमसी कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर थीं। उनका आपसी विवाद इस विषय को लेकर बढ़ गया कि नूरउल्ला की बेरोजगारी की वजह से आसमा अक्सर उसे ताना मारती थी। वह नूरउल्ला को फोन पर बात करने से भी मना किया करती थी, जिसे लेकर दोनों के बीच झगड़ा बढ़ता गया।

आसमा और नूरउल्ला के बेटे समद ने बताया कि उनके माता-पिता की शादी 2005 में हुई थी। हाल के हफ्तों में उन दोनों के बीच रोजाना लड़ाई होती रही। घरेलू तनाव का माहौल बच्चों पर भी असर डाल रहा था। घटना के दिन जब समद की बहन इनाया ने अपनी मां को देखने के लिए दरवाजा खोला, तो वह खून में लथपथ बिस्तर पर पड़ी मिली। इस अचानक से हुई घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

पुलिस ने बताया कि नूरउल्ला पहले एक इंजीनियर था, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद वह रोजगार पाने में असफल रहा। आशंका है कि पिछले एक साल से नूरउल्ला को अपनी पत्नी के अवैध संबंधों का शक भी था। इस कारण वह आसमा का फोन चेक करता था और अनजान नंबरों से आने वाले कॉल्स की जांच भी करता था। इस सब ने घर में तनाव को और बढ़ा दिया था, जिसके परिणामस्वरूप यह दुखद घटना घटित हुई।

इसी क्रम में एक और shocking खबर अलीगढ़ जिले से सामने आई है, जहां आयकर विभाग ने चार व्यक्तियों को 56.50 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है। इनमें एक ताला कारीगर, जूस विक्रेता, बैंक सफाईकर्मी और ट्रांसपोर्ट मजदूर शामिल हैं। इनकी कमाई काफी कम थी, लेकिन इन्होंने अलग-अलग फर्म खोलकर व्यापार किया और आयकर रिटर्न भी दाखिल नहीं किया। ये सभी लोग अपनी जिंदगी में एक लाख रुपए भी नहीं देख पाए हैं। इस पर दैनिक भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर जाकर मामलों की पड़ताल की, जहां पर इन लोगों की जीवनशैली और आर्थिक स्थिति को समझा गया।