गोरखपुर में दरोगा का कहर: व्यापारी को थप्पड़, गाड़ी खड़ी करने पर विवाद का वीडियो वायरल!

गोरखपुर से एक विवादास्पद घटना सामने आई है जिसमें कोतवाली थाने के दरोगा अरविंद राय का नाम फिर से चर्चा में आया है। इस बार उन्होंने एक व्यापारी के साथ हाथापाई की। जानकारी के अनुसार, दरोगा ने एक व्यापारी को इसलिए थप्पड़ मारा क्योंकि वह दुकान के सामने अपनी गाड़ी खड़ी कर सामान उतार रहा था। उक्त घटना में दरोगा आम जनता की सुरक्षा और पुलिस की उचित आचरण का पालन करने में विफल नजर आए। घटना की पूरी कार्रवाई एक CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसने इस घटना को सामाजिक मीडिया पर वायरल कर दिया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना माया बाजार इलेक्ट्रानिक मार्केट में अनन्या इलेक्ट्रॉनिक के मालिक अमित गुप्ता के साथ हुई। मंगलवार को बाजार में कम भीड़ होने के कारण अमित ने अपनी गाड़ी दुकान के सामने खड़ी कर सामान उतारना शुरू किया। इसी बीच दरोगा अरविंद राय, अपनी गाड़ी में आया और हूटर बजाते हुए दुकान के सामने रुक गया। वह अपनी गाड़ी से निकलते ही बिना किसी कारण के अमित गुप्ता पर चढ़ाई कर दी और उन्हें थप्पड़ मार दिया। जब अमित ने इस आक्रमण का विरोध किया, तो दरोगा ने उन्हें गालियां भी दीं।

इस घटना का संज्ञान लेते हुए गोरखपुर के एसपी सिटी, अभिनव त्यागी ने तुरंत एक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले की गहन जानकारी के लिए कोतवाली क्षेत्र के सीओ को निर्देशित किया गया है। अगर दरोगा द्वारा किया गया कृत्य संदिग्ध पाया गया, तो निश्चित रूप से उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

यह पहली बार नहीं है जब दरोगा अरविंद राय विवाद में आए हैं। इससे पहले भी उनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। ऐसे में यह घटना पुलिस प्रशासन की छवि पर और भी सवाल उठाती है। विशेष रूप से उस समय जब समाज में सही पुलिसिंग के लिए आवाज उठाई जा रही है। दरोगा का इस प्रकार का व्यवहार न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह आम जनता के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी को भी प्रदर्शित करता है।

इतना होने के बाद भी यदि कोई विभागीय कार्रवाई नहीं होती है, तो यह न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि पूरे गोरखपुर की पुलिस व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं होगा। गोरखपुर के पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह अपने कर्मियों के आचरण पर विशेष ध्यान दे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस द्वारा आम जनता की सुरक्षा की नीति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, ताकि समाज में विश्वास बना रहे।