34 साल में पहली बार यूपी का मार्च हुआ सबसे गर्म, दो दिन बाद रातें भी नहीं देंगी राहत!

उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में वर्तमान कृषि वातावरण शुष्क बना हुआ है। यहां के 5 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। दिन और रात के तापमान में 20 डिग्री सेल्सियस तक का भारी अंतर देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दो दिनों के भीतर रात की गर्मी में बढ़ोतरी के आसार हैं। इस समय प्रदेश का सबसे गर्म शहर मथुरा रहा है।

पिछले 24 घंटों के मौसम के आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज में सबसे अधिक तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, मथुरा में न्यूनतम तापमान केवल 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 24 घंटे में तापमान में करीब 2 डिग्री की वृद्धि हुई है। इसके पीछे एक मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता में कमी आना है। पहाड़ियों से आ रही ठंडी हवा का प्रभाव भी अब कम होता जा रहा है, जिससे सूरज की गर्मी अधिक महसूस हो रही है। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, तापमान में और भी वृद्धि हो रही है।

मौसम विभाग ने इस बात की चेतावनी दी है कि इस बार लू अधिक लंबे समय तक रहने की संभावना है। विभाग का अनुमान है कि अप्रैल से जून के बीच इस वर्ष सामान्य से अधिक गर्मी पड़ेगी, जो लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने जानकारी दी है कि 1901 के बाद इस साल का मार्च अब तक का सबसे गर्म महीना रहा है। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि इस बार ला-नीनो की स्थिति तटस्थ हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप बारिश की मात्रा में कमी आ सकती है।

इस साल के गर्मियों के मौसम में तापमान का गिरावट ना आने की आशंका जताई जा रही है। देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। मौसम विभाग का यह भी कहना है कि अप्रैल से जून के बीच लू का अधिक प्रभाव खासकर दक्षिणी और विंध्य क्षेत्रों के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में देखने को मिलेगा।

इस प्रकार, प्रदेशवासियों को इस गर्मी के मौसम में सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि मौसम की चुनौतियाँ और अधिक गंभीर हो सकती हैं। विशेषकर, स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतना आवश्यक है, ताकि गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रहा जा सके। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए उचित कदम उठाकर सभी को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा।