राजस्थान में बारिश की दोबारा दस्तक, ठंडी हवाओं से तापमान में भारी गिरावट!

राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से पिछले कुछ दिनों के दौरान बारिश और ओलावृष्टि हुई है, जिससे सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक का अनुभव किया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में इसी प्रकार का मौसम बना रहने की संभावना है। मौसम केंद्र की ताजा जानकारी के अनुसार, 20 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिससे उत्तर-पूर्वी राजस्थान के विभिन्न शहरों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावनाएं हैं।

राज्य के कुछ शहरों में तापमान में गिरावट देखी गई है। जैसे सिरोही, फतेहपुर, नागौर, पिलानी और हनुमानगढ़ में रात का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। वहीं, ज्यादातर शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। पिछले 24 घंटे में राजस्थान के बाड़मेर जिले में सर्वाधिक 35.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो आमतौर पर यहां के तापमान से 1 डिग्री कम है। इस बदलाव ने नागरिकों को दिन की अत्यधिक गर्मी से कुछ राहत दी है।

राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी जलवायु में परिवर्तन देखने को मिला है, जहां माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और सीकर के पास फतेहपुर में 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जयपुर मौसम केन्द्र ने 18 और 19 मार्च को दिन के तापमान को सामान्य स्तर पर रहने की संभावना जताई है, जबकि कुछ स्थानों पर यह सामान्य से थोड़ा कम भी हो सकता है।

इसके साथ ही, 20 मार्च को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के हल्के प्रभाव के चलते, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में बादल बनने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावनाएं भी व्यक्त की गई हैं। इस प्रकार के मौसमी बदलाव राज्य की कृषि गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि किसानों को इन बारिशों का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।

अंत में, राजस्थान में मौसम के इस परिवर्तन से न केवल तापमान में गिरावट आई है, बल्कि लोगों को मौसम की अनुकूलता का भी अनुभव हो रहा है। इससे न केवल नागरिकों को राहत मिली है, बल्कि उन्हें आने वाले दिनों में बारिश की उम्मीद भी है, जो प्रदेश की जलवायु के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।