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नेपालः चार मंत्रालयों को खत्म और कई मंत्रालयों के आपस में विलय की तैयारी

काठमांडू, 03 मई । नेपाल सरकार कुछ मंत्रालयों को समाप्त करने और कुछ को आपस में मिलाकर नए नाम देने की तैयारी में जुट गई है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, 4 मंत्रालयों को समाप्त किया जाएगा। साथ ही, अन्य 6 मंत्रालयों के नाम बदलने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, कुछ विभागों को मौजूदा मंत्रालयों से अलग कर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन रखा जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि यह प्रक्रिया इसी सप्ताह पूरी हो सकती है।

इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय के सचिव गोविन्दबहादुर कार्की के संयोजकत्व में 5 सदस्यीय कार्यदल भी बनाया था। कार्यदल ने संघीय स्तर पर 17 मंत्रालय रखने का प्रस्ताव दिया था और सरकार उसी प्रस्ताव के आधार पर आगे बढ़ रही है।

सरकार की तैयारी के अनुसार, युवा तथा खेलकूद मंत्रालय, पेयजल तथा स्वच्छता मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय और संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय को समाप्त किया जाएगा। युवा तथा खेलकूद मंत्रालय को विभाजित कर खेलकूद विभाग को शिक्षा मंत्रालय में मिलाया जाएगा, जिसके बाद इसका नाम “शिक्षा तथा खेलकूद मंत्रालय” रखा जाएगा।

युवा विभाग को महिला, बाल-बालिका तथा ज्येष्ठ नागरिक मंत्रालय के साथ मिलाया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्रालय और सामाजिक सुरक्षा विभाग को एकीकृत कर “लैंगिक समानता तथा सामाजिक विकास मंत्रालय” बनाने की तैयारी है।

पेयजल तथा स्वच्छता मंत्रालय से स्वच्छता विभाग को अलग कर स्वास्थ्य मंत्रालय में मिलाने की योजना है। वहीं, पेयजल और शहरी विकास विभाग को भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय में समाहित किया जाएगा, जिसका नाम “भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय” होगा।

इसी तरह भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय से यातायात विभाग को अलग कर श्रम मंत्रालय के अधीन लाने की आंतरिक तैयारी भी चल रही है।

इसी तरह, संघीय मामला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय को सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन लाया जाएगा। भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मंत्रालय से गरीबी सम्बन्धी विभाग, सञ्चार मंत्रालय से सूचना–प्रविधि विभाग और शिक्षा मंत्रालय से विज्ञान–प्रविधि विभाग को भी अलग कर प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन रखने की तैयारी है।

प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार अशिम शाह के अनुसार, सरकार अपने “100 दिन के वादे” के तहत मंत्रालयों की संख्या घटाकर 17 तक सीमित करने और अधिक जिम्मेदारियाँ प्रधानमंत्री कार्यालय के अंतर्गत लाने की दिशा में काम कर रही है। सरकार द्वारा जारी 100 बिंदुओं वाले प्रशासनिक सुधार कार्यक्रम में भी संघीय मंत्रालयों की संख्या कम करने का उल्लेख किया गया था और अब उसी सुधार योजना को लागू किया जा रहा है।

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