‘बदनाम’ फिल्म से जैस्मीन चर्चा में: जय रंधावा ने राइटिंग को बताया असली हीरो!
जैस्मीन भसीन हाल ही में अपनी आने वाली फिल्म ‘बदनाम’ को लेकर बहुत चर्चित हैं। इस फिल्म में उनके साथ जय रंधावा भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। यह फिल्म 28 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। दोनों कलाकारों ने हाल ही में दैनिक भास्कर के साथ बातचीत की, जिसमें जैस्मीन ने अपने किरदार और उनके योगदान पर प्रकाश डाला, जबकि जय रंधावा ने फिल्म की लेखन प्रक्रिया के महत्व के बारे में चर्चा की।
जैस्मीन ने अपने किरदार के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनका नाम नूर है, जो एक मजबूत और जटिल महिला किरदार है। नूर अपने जीवन में एक ऐसे पहलू का सामना करती है जिससे वह नफरत करती है, और इस फिल्म के दौरान दर्शक उसके आंतरिक संघर्ष और द्वंद्व को देखेंगे। दूसरी ओर, जब उनसे पूछा गया कि वे किस फिल्म को दोबारा देखना चाहेंगी, तो उन्होंने दिल छू लेने वाली अपनी यादों को साझा किया। जैस्मीन ने कहा कि ‘वीर जारा’ उनकी दादी और दादा की पसंदीदा फिल्म थी, जिसे उन्होंने कई बार देखा था। इस फिल्म के साथ जुड़ी उनकी भावनाएं उन्हें हमेशा प्रेरित करती हैं, और वह चाहती हैं कि एक दिन वह फिर से इस फिल्म को अकेले थिएटर में जाकर देखें।
जैस्मीन ने अपनी यात्रा के बारे में भी बात की और इसे उतार-चढ़ाव से भरी बताया। उन्होंने कहा कि उनकी चाहत है कि वे ऐसा किरदार निभाएं जो अन्य लड़कियों को प्रेरित कर सके। उनका मानना है कि भारतीय समाज में लडकियों को अक्सर ‘बेचारी’ के रूप में देखा जाता है। उनकी कोशिश है कि वे इस धारणा को बदलें और लड़कियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें। इसके जवाब में जैस्मीन ने कहा कि वर्तमान में बॉलीवुड फिल्में इस विषय में सही तरीके से काम नहीं कर पा रही हैं।
इस विषय पर अपनी राय रखते हुए जैस्मीन ने कहा कि यह एक निश्चित मुकाम है जिसे फिल्म इंडस्ट्री ने हासिल किया है। कोविड के बाद, लोगों की सिनेमा हॉल में जाने की आदत कम हुई है। पहले, फिल्में हमारी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं, लेकिन अब यह बदल गया है। उन्होंने उल्लेख किया कि दर्शकों का जुड़ाव कम हो गया है और उनकी प्राथमिकताएं भी बदल रही हैं। अब लोग अपने मोबाइल पर अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा का आनंद ले रहे हैं, जिसके कारण भारतीय फिल्मों को दर्शकों के बीच अपनी पहचान फिर से स्थापित करनी होगी।
फिल्म की लेखन प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए जय रंधावा ने कहा कि एक अच्छी फिल्म की बुनियाद सशक्त स्क्रिप्ट पर निर्भर करती है। उन्होंने लिखा है कि लेखक जस्सी लोखा ने इस फिल्म पर एक साल तक काम किया है ताकि इसकी नींव मजबूत हो सके। उनका मानना है कि एक अच्छी स्क्रिप्ट के बिना चाहे फिल्म कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उसका कोई मूल्य नहीं होता। इस संदर्भ में, उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म में अच्छे किरदारों को लाने का प्रयास किया गया है, ताकि इसकी कहानी मजबूत हो सके।
इस प्रकार, जैस्मीन भसीन और जय रंधावा ने अपनी upcoming फिल्म ‘बदनाम’ के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जो दर्शकों के लिए एक नई दृष्टि और अनुभव लेकर आएगी।









