‘जब बिग बी ने अपूर्व लाखिया से कहा- स्क्रीन पर मेरे होने से फर्क पड़ता है!’
प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अपूर्व लाखिया ने हाल ही में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ अपने अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके साथ काम करते समय उन्हें बेहद घबराहट होती थी। अपूर्व ने फ्राइडे टॉकीज के साथ बातचीत में कहा कि यह शायद उनकी पहली फिल्म का अनुभव था, जिसमें वह अमिताभ के साथ शूटिंग कर रहे थे। शूटिंग के दौरान, उन्होंने महसूस किया कि कैसे अमिताभ बच्चन अपने वैन में नहीं जाते बल्कि सभी शॉट्स पर ध्यान से देखते हैं। इस पेचीदगी के बीच, अपूर्व के मन में हमेशा यही सवाल चलता रहता था कि आखिर अमिताभ क्या सोचते हैं।
बैंकॉक में शूटिंग के दौरान एक खास घटना का भी उन्होंने जिक्र किया। उस समय एक दृश्य की शूटिंग हो रही थी जब बैकग्राउंड में अचानक एक आदमी दौड़कर निकल गया। इस पर अपूर्व ने अमिताभ से कहा कि हमें इसे फिर से शूट करना होगा। अमिताभ ने पहले इसकी वजह पूछी, और जब अपूर्व ने सब बताया, तो उन्होंने सहमति जताई। बाद में, शूटिंग खत्म होने के बाद, अमिताभ ने अपूर्व के पास आकर पूछा कि वह किस लेंस पर काम कर रहे हैं। जब अपूर्व ने बताया कि वह 100 मिमी लेंस पर शूट कर रहे हैं, तो अमिताभ ने एक दिलचस्प उदाहरण पेश किया।
अमिताभ ने अपूर्व को विस्तार से समझाया कि यदि वह 70 मिमी स्क्रीन पर हो और उनके सामने 100 मिमी पर बच्चन हों, तो बैकग्राउंड में क्या हो रहा है यह किसी को नहीं दिखेगा। उनका यह सवाल अपूर्व के लिए एक महत्वपूर्ण सबक था, जिसने उन्हें यह सिखाया कि कभी-कभी फिल्म निर्माण में छोटे-छोटे तत्वों पर ध्यान देने की बजाय, बड़े दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करना अधिक महत्वपूर्ण होता है।
इस बातचीत में अपूर्व ने प्रशंसा के साथ बताया कि किस तरह अमिताभ का अनुभव और दृष्टिकोण एक नए निर्देशक के लिए मार्गदर्शक होता है। उनका यह उदाहरण दर्शाता है कि कैसे सिनेमा में ध्यान केंद्रित करना और मूल बातें समझना एक फिल्म निर्माता के लिए आवश्यक होता है। उनका यह अनुभव न केवल खुद अपूर्व के लिए प्रेरणादायक था, बल्कि यह फिल्म इंडस्ट्री के अन्य नए निर्देशकों के लिए भी एक सीख देने वाला है।
आखिरकार, अपूर्व लाखिया के अनुभव ने यह साबित कर दिया कि फिल्म निर्माण में माहौल, तत्व और दृश्यों का सामंजस्य महत्वपूर्ण है। अमिताभ के सहयोग और उनके दृष्टिकोण ने अपूर्व को एक बेहतर फिल्म निर्माता बनने की प्रेरणा दी है, जो उनकी भविष्य की परियोजनाओं में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।









