बठिंडा अस्पताल में चेन से बंधे कंबल: स्टाफ का दावा – चोरी रोकने के उपाय!

पंजाब के बठिंडा में शहीद भाई मनी सिंह सरकारी अस्पताल ने हाल के समय में बढ़ती चोरी की घटनाओं के मद्देनजर एक अनूठा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में मरीजों के लिए रखे गए कंबलों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बेड के साथ ताले लगाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के पीछे की वजह यह है कि कई बार आवश्यक वस्तुएं, जैसे कंबल, अस्पताल से चोरी हो जाते हैं, जिसके कारण मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साहब वेलफेयर सोसायटी के सदस्य गुरविंदर शर्मा ने फिर से इस स्थिति की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब सरकारी अस्पताल में कंबल जैसे मूलभूत सामान की भी सुरक्षा नहीं की जा सकती, तो मरीजों की सुरक्षा की बात कैसे की जा सकती है।

इस स्थिति ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। विशेष रूप से जच्चा-बच्चा विभाग में चिंता और भी बढ़ गई है। जहां पहले से ही बच्चा चोरी की घटनाओं की आशंका व्यक्त की गई है, वहां कंबलों की चोरी चिंता का विषय बन गई है। यह सब बाते अस्पताल की प्रबंधन और व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही हैं और बता रही हैं कि आम जनता में असुरक्षा का भाव पनप रहा है। मरीजों को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर प्रीत मनिंदर ने मामले की व्याख्या करते हुए कहा कि कुछ मरीज कंबल बाहर ले जाकर बैठ जाते हैं तथा कई बार कंबल गलती से अपने घर भी ले जाते हैं। यह सरकारी संपत्ति है और इसे सुरक्षित करना उनका कर्तव्य है। वहीं रविंदर शर्मा ने कहा कि जच्चा-बच्चा अस्पताल में यदि कंबल और हीटर बंद कर दिए गए हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि लोगों में पुलिस प्रशासन का डर समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल ही आश्रय है, लेकिन यदि ऐसी स्थिति बनी रही तो उन्हें उचित सुरक्षा नहीं मिल पाएगी।

रविंदर शर्मा ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि अस्पताल में उचित सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए ताकि लोगों को इलाज के लिए आते समय किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। समाज सेवी संगठनों द्वारा अस्पताल में मरीजों की ठंड से रक्षा के लिए किए जाने वाले प्रयासों की सराहना की गई, लेकिन उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को इन कंबलों की व्यवस्था करने के बजाय सुरक्षा उपायों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

अस्पताल के प्रसूति वार्ड में तैनात डॉ. प्रीत मनिंदर ने बताया कि कंबलों को जंजीरों से बांधने का निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि मरीजों की आवश्यकता के समय कंबल उपलब्ध रहें। कई मरीज आपस में कंबल बदल लेते हैं और जब आवश्यकता होती है, तो वे नहीं मिलते। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकारी संपत्ति का सही उपयोग हो और इसकी देखभाल की जाए। इस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था न सिर्फ कंबलों की सुरक्षा के लिए बल्कि अस्पताल में आने वाले मरीजों के हित में भी अत्यंत आवश्यक है।