लुधियाना डीसी पर AAP विधायकों का हमला: निगम चुनाव हार का प्रशासन जिम्मेदार?
लुधियाना नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अशोक पराशर पप्पी और गुरप्रीत गोगी ने अपनी पत्नियों की हार के बाद प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दोनों विधायकों ने लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर जतिंदर जोरवाल को इस हार के लिए जिम्मेदार ठहराया है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब पार्टी के चार विधायकों में से दो के बेटे चुनाव जीत गए, जबकि पप्पी और गोगी की पत्नियां चुनाव हार गईं। इस मामले में पप्पी और गोगी ने साफ-साफ कहा है कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के चलते उनकी पत्नियां हार गईं।
विधायक अशोक पप्पी और गुरप्रीत गोगी ने आरोप लगाया है कि 21 दिसंबर को हुए नगर निगम चुनाव के दौरान सैकड़ों वोटरों के नाम मतदाता सूची से गायब थे। उन्होंने बताया कि हैरानी की बात यह थी कि कई deceased व्यक्तियों के नाम वोटर सूची में मौजूद थे, जबकि जिंदा लोगों के नाम गायब थे। इस कारण कई लोग वोट डालने से वंचित रह गए, जो उनकी पत्नियों की हार में एक महत्वपूर्ण कारण बना। दोनों विधायकों ने यह भी कहा कि अगर वोटर सूची सही होती तो उनकी पत्नियां चुनाव अवश्य जीत जातीं।
बातचीत के दौरान विधायक पप्पी ने बताया कि ये चुनाव 2023 की वोटर सूची के आधार पर आयोजित किए गए, जबकि नई वोटर सूची 2024 में तैयार हो चुकी थी जिसमें हजारों नए वोट शामिल थे। पप्पी ने कहा कि उन्होंने डीसी से 2024 की वोटर सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग की थी, लेकिन डीसी ने इस मांग को ठुकराते हुए कहा कि वही 2023 की सूची को मान्य मानते हैं। इसी कारण चुनाव में हुई धांधली की वजह से पार्टी को सीटों का भारी नुकसान उठाना पड़ा।
गुरप्रीत गोगी ने इस मामले में और भी गंभीर आरोप उठाते हुए कहा कि उनकी पत्नी केवल 80 वोटों से हार गईं। उन्होंने कहा कि अगर वोटिंग सही होती तो न केवल उनकी पत्नी जीत जाती, बल्कि आम आदमी पार्टी पूरे लुधियाना में 70 से अधिक निकाय सीटें जीतने की स्थिति में होती। इसके अलावा विधायक मदन लाल बग्गा ने भी कहा कि मतदान के दिन जो वोटर सूची प्रस्तुत की गई, वह गलत थी और इससे पार्टी का नुकसान हुआ है। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की।
गोगी ने मतदान के समय को भी आलोचना करते हुए कहा कि सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक का मतदान समय बहुत अनुचित था। सर्दियों में सुबह-सुबह मतदाता मतदान केंद्रों पर नहीं पहुंचते हैं, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ। अब, दोनों विधायक पप्पी और गोगी ने निर्णय लिया है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस मुद्दे पर मुलाकात करेंगे और वोटर सूची में हुई गलती के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। इसी बीच, जब डीसी जतिंदर जोरवाल से इस संबंध में पूछताछ के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन प्राप्त नहीं किया, जिससे उनकी चुप्पी और भी संदिग्ध रही।









