डिलीवरी में गड़बड़ी पर हरियाणा ट्रांसपोर्टर ने ड्राइवर को बेरहमी से पीटा, अस्पताल में फेंका
हरियाणा के कैथल जिले में एक गंभीर किडनैपिंग और जघन्य हिंसा का मामला सामने आया है, जिसमें एक ट्रक ड्राइवर को उसके ट्रांसपोर्टर ने कार में बंधक बना कर, उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर और उनके सहयोगियों ने पूरे रात ड्राइवर की पीटाई की, जिससे उसके पैर तोड़ दिए गए और सिर भी फोड़ दिया गया। इसके बाद उन्हें उसे जालंधर से कलायत लाकर कार की डिग्गी में डाल दिया। जब सुबह उसकी स्थिति बिगड़ गई, तो उसे एक निजी अस्पताल में फेंककर भाग गए।
दरअसल, यह मामला तब शुरू हुआ जब ड्राइवर बलकार सिंह ने अपने छोटे भाई मुकेश की जगह माल लेकर गुजरात जाने का निर्णय लिया। मुकेश की तबीयत ठीक न होने के कारण बलकार ने सामान की डिलीवरी के लिए ट्रक चलाने की जिम्मेदारी संभाली। जब बलकार ने गुजरात जाकर डिलीवरी पूरी की तो ट्रक मालिक ने कुछ सामान को क्रैक पाकर किराया रोक लिया और इसके बाद बातें बिगड़ गईं। बलकार ने इस समस्या को हल करने के लिए ट्रांसपोर्टर से बात की, लेकिन ट्रांसपोर्टर ने उसे नुकसान की भरपाई करने के लिए कहा, जिससे दोनों के बीच तकरार बढ़ गई।
जब बलकार ने कहा कि यह उसकी आखिरी डिलीवरी होगी और वह आगे काम नहीं करेगा, तो ट्रांसपोर्टर और उनके सहयोगियों ने उसे बंधक बना लिया। बलकार ने बताता है कि उसने सुबह से पहले नकोदर के करीब ट्रक रोककर एक जगह खाना खाने के बाद थोड़ी देर सोने का मन बनाया, लेकिन तभी ट्रांसपोर्टर उसके पास पहुंचा और अपने कुछ साथियों के साथ उसे बुरी तरह पीटने लगा। कंडक्टर को भी पीटकर भगा दिया गया। घटना के दौरान, बलकार के पैरों की हड्डियाँ टूट गईं और इसके बावजूद आरोपियों ने उसे गाड़ी की डिग्गी में डालकर कलायत ले आए।
आरोपी अपने भयानक कृत्य को छिपाने के लिए बलकार को अस्पताल में छोड़कर भाग गए और डॉक्टरों से कहा कि यह एक एक्सीडेंट का मामला है। जब बलकार ने अपने परिवार को फोन किया, तो उसके परिजन अस्पताल पहुंचे और उन्होंने उसकी स्थिति को समझा। इसके बाद बलकार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उसने पुलिस की अनदेखी की।
बाद में, निर्मम पिटाई और निकम्मे इलाज के चलते बलकार को करनाल के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां उसका सही से इलाज किया जा रहा है। बलकार ने पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाया है और कहा है कि आरोपियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उसका कहना है कि जो लोग उसके साथ इतना बुरा व्यवहार करते हैं, उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो सके। इस मामले ने न केवल बलकार के स्वास्थ्य को प्रभावित किया है, बल्कि समाजमें एक गंभीर संदेश भी छोड़ता है कि मानवता और कानून की रक्षा कैसे की जानी चाहिए।









