पंजाब और चंडीगढ़ में ओलावृष्टि का खतरा, फरीदकोट सबसे ठंडा शहर!
पंजाब और चंडीगढ़ में शीतलहर का प्रभाव निरंतर बना हुआ है। आज मौसम विभाग ने 15 जिलों में शीतलहर और घने कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान की संभावना भी है। जानकारी के अनुसार, 27 दिसंबर को पंजाब के कई जिलों में ओलावृष्टि होने की संभावनाएं हैं, जबकि हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसलिए मौसम विभाग ने इन स्थितियों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। तापमान में गिरावट का अनुमान है, हालांकि पिछले 24 घंटों में औसत अधिकतम तापमान में 1.8 डिग्री की वृद्धि हुई है, जिससे यह सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है।
पंजाब के विभिन्न जिलों के लिए मौसम का अलर्ट विशेष रूप से पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा और लुधियाना पर केंद्रित है। मौसम विभाग की सलाह है कि लोग केवल अत्यावश्यक कार्यों के लिए ही घर से बाहर निकलें और ठंड से बचने के लिए उचित उपाय करें। वर्तमान में फरीदकोट में सबसे कम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि अन्य जिलों का रात का तापमान 4.2 डिग्री से 8 डिग्री के बीच हो रहा है। राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 0.9 डिग्री की गिरावट देखी गई है। आने वाले दिनों में यह स्थिति बरकरार रहने की संभावना है।
इसके साथ ही, सर्दियों के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए पंजाब के सभी स्कूलों में 31 दिसंबर तक छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। यहां के मौसम का हाल भी ध्यान देने योग्य है। चंडीगढ़ में सुबह के समय धुंध देखने को मिलेगी, जहां तापमान 7 से 20 डिग्री के बीच रहेगा। अमृतसर में भी धुंध छाई रहेगी और तापमान 6 से 17 डिग्री के बीच रहेगा। जालंधर में मौसम की स्थिति कुछ वैसी ही रहेगी, जहां सुबह का तापमान 5 से 20 डिग्री के बीच मापा जाएगा। लुधियाना और पटियाला में भी धुंध देखने को मिलेगी, और उनका तापमान क्रमशः 6 से 20 और 7 से 21 डिग्री के बीच रहेगा। मोहाली में भी धुंध की स्थिति रहेगी, जहां तापमान 6 से 21 डिग्री तक पहुंच सकता है।
इन मौसमीय परिवर्तनों के चलते लोगों को सर्दी से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मौसम में आई ये अप्रत्याशित स्थितियां आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए, स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी सुझावों का पालन करना आवश्यक है, ताकि स्वास्थ्य और सुरक्षा पर कोई असर न पड़े। मौसम की इस स्थिति से किसानों और कामकाजी वर्ग पर भी प्रभाव पड़ेगा, जिसके लिए मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।









