नशे के खिलाफ जागरूकता: पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता से बढ़ाई चेतना!
जालंधर | कन्या महाविद्यालय और केएमवी कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने पंजाब सरकार के बड्डी प्रोग्राम के अंतर्गत मादक पदार्थों के दुरुपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से छात्र कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य छात्राओं के बीच नशे के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना था। प्रतियोगिता में छात्राओं ने नशे से जुड़े विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मुद्दों को उजागर करने के लिए रचनात्मक और प्रभावशाली पोस्टर बनाए।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने इस अवसर पर नशे के दुरुपयोग की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशा केवल व्यक्तिगत जीवन को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे समाज, पर्यावरण और आर्थिक स्थिति पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। डॉ. द्विवेदी ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने परिवार और समुदाय में इस विषय पर चर्चा करें और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम जारी रखें।
इस आयोजन में अन्य विशेषज्ञों की भी उपस्थिति थी, जिनमें डॉ. मधुमीत, वीना दीपक और आनंद प्रभा शामिल थे। इन सभी ने नशे के खिलाफ इस प्रकार की गतिविधियों की आवश्यकता और महत्व पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस तरह की गतिविधियों से छात्रों में जागरूकता बढ़ती है और वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
इस प्रतियोगिता ने छात्राओं को न केवल अपनी रचनात्मकता को व्यक्त करने का एक मंच प्रदान किया, बल्कि उन्हें नशे के दुष्प्रभावों और इसके संभावित खतरों के बारे में भी सोचने पर मजबूर किया। इस प्रकार की गतिविधियां सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने और नशे के खिलाफ कदम उठाने के लिए एक सामूहिक प्रयास का हिस्सा हैं।
अंत में, इस प्रतिस्पर्धा के माध्यम से कन्या महाविद्यालय और केएमवी कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे न केवल शैक्षणिक विकास को प्राथमिकता देते हैं, बल्कि छात्रों के सामाजिक और नैतिक विकास पर भी ध्यान दे रहे हैं। इस प्रकार के आयोजनों से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित की जा रही है, जो भविष्य में नशे के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई में सहायक साबित होगी।









