कपूरथला अस्पताल में चोरी की सनसनी, ICU में सामान उड़ाते चोर को स्टाफ ने पकड़ा!

कपूरथला के सिविल अस्पताल में बुधवार रात एक चोर को ICU वार्ड के भीतर चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। चोर ने वार्ड की सीलिंग को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और ICU में रखी कीमती मशीनों और सामान को नुकसान पहुंचाया। अस्पताल के स्टाफ ने इसे देखा और तुरंत सिटी थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चोर को गिरफ्तार किया, और उसे अस्पताल के SMO इंदु बाला की शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

अस्पताल की SMO इंदु बाला ने बताया कि जब चोर ICU में चोरी की कोशिश कर रहा था, तब स्टाफ को कुछ असामान्य आवाज सुनाई दी। स्टाफ ने तुरंत स्थिति का आकलन किया और अंदर जाकर देखा कि एक युवक मशीनों और अन्य कीमती सामान को चुरा रहा है। स्टाफ की सक्रियता के कारण चोर को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम राजेश कुमार बताया, और वह कपूरथला के भवानीपुर गांव का निवासी है।

सिटी थाना पुलिस ने SMO इंदु बाला की शिकायत के आधार पर राजेश कुमार के खिलाफ BNS की धारा 305 के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस अब चोर से और पूछताछ कर रही है, जिसमें उसने पहले भी चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकारी है। यह घटना एक बार फिर से इस बात का संकेत देती है कि सिविल अस्पताल में सुरक्षा की स्थिति संतोषजनक नहीं है, क्योंकि यहां पहले भी कई बार चोरी की वारदातें हो चुकी हैं।

पिछले कुछ समय में अस्पताल में कई बार चोरियों की खबरें सुनने में आई हैं। इनमें मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक उपकरणों की चोरी शामिल है, जैसे कि बेड के साथ जाने वाली कॉपर की गैस पाइप। ऐसी घटनाएं न केवल अस्पताल की सुरक्षा को चुनौती देती हैं, बल्कि मरीजों के उपचार में भी बाधा डालती हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है, और इसलिए अस्पताल प्रशासन को सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा सुविधा प्रबंधन को एक्शन लेने की आवश्यकता है। चोरों पर लगाम लगाने के लिए सभी संभावित सुरक्षा उपायों को लागू करना होगा। ऐसे में, अस्पतालों में CCTV कैमरे, चौकीदारों की तैनाती और सुरक्षा गश्त को मजबूत करने की मांग उठाई जा रही है। अस्पताल का वातावरण सुरक्षित रहने से न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि स्टाफ और चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।