पंजाब उपचुनाव में बड़े चेहरे नामांकन में, अकाली दल ने लिया चौंकाने वाला फैसला!

पंजाब में विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का पांचवां दिन आज समाप्त हो गया है। प्रदेश में 13 नवंबर को चार विधानसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं, और इस दिन कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने अपने नामांकन पत्र प्रस्तुत किए। गुरुवार को विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने जबर्दस्त शक्ति प्रदर्शन करते हुए अपनी चुनावी तैयारियों का संकेत दिया। पिछले चार दिनों में केवल 7 हलफनामे चुनाव आयोग के पास गए थे, लेकिन आज एक ही दिन में 20 से अधिक हलफनामे दाखिल किए गए। यह उपचुनाव के लिए एक महत्वपूर्ण दिन साबित हुआ, क्योंकि शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है।

इस चुनावी समर में भाजपा और कांग्रेस जैसे प्रमुख दलों के उम्मीदवारों ने अपनी उम्मीदवारी का ऐलान किया। बरनाला से भाजपा के उम्मीदवार केवल ढिल्लों और कांग्रेस के काला ढिल्लों ने नामांकन भरा। दोनों नेताओं ने अपने-अपने चुनावी क्षेत्र में रोड शो कर अपने समर्थकों से मिलकर चुनावी तैयारी का आगाज़ किया। इसके अलावा, गिद्दड़बाहा में पूर्व मंत्री मनप्रीत बादल ने बीजेपी के लिए नामांकन दाखिल किया जबकि अमृता वड़िंग ने कांग्रेस की उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा। आम आदमी पार्टी ने भी चब्बेवाला से डॉ. ईशाक और गिद्दड़बाहा से हरचरण सिंह बराड़ के रूप में अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। यही नहीं, डेरा बाबा नानक से रवि करण सिंह काहलों ने भी चुनावी मैदान में कदम रखा है।

हालांकि, इस बार शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने चार सीटों पर उपचुनाव में अपने उम्मीदवार ना उतारने का निश्चय किया है। पार्टी की कार्यसमिति और जिला प्रधानों की बैठक में यह निर्णय लिया गया, और यह 1992 के बाद पहली बार हुआ है जब अकाली दल ने चुनाव लडऩे से इनकार किया है। इसकी वजह पंथक संकट है, जो पार्टी के लिए एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

पंजाब में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी जारी है। हाल ही में होशियारपुर सीट से पूर्व विधायक और मंत्री रहे सोहन सिंह ठंडल ने भाजपा का हाथ थाम लिया है, जिसके बाद उन्हें भाजपा द्वारा चब्बेवाल के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया। सोहन सिंह ठंडल ने शिरोमणि अकाली दल को अलविदा कह दिया और आज पार्टी में शामिल होने के बाद अपना नामांकन दाखिल करने की योजना बनाई है।

इस बीच, पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा की पत्नी डॉ. रजिंदर कौर कल डेरा बाबा नानक सीट से नामांकन दाखिल करेंगी। चुनावी दलों द्वारा नामांकन दाखिल करने का यह अंतिम दिन है, जिसके चलते सभी दलों की नजरें इस महत्वपूर्ण अवसर पर हैं। राजनीतिक सरगर्मियों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन से नेता अपनी विधायकी की राह पर कदम रखेंगे।