फरीदकोट में हत्या: ‘वारिस पंजाब दे’ का सदस्य, सरपंच समर्थन और बेअदबी के खिलाफ मुखर!
पंजाब के फरीदकोट जिले में सांसद अमृतपाल सिंह के संगठन वारिस पंजाब दे के एक सदस्य का गोली मारकर हत्या कर दिया गया है। मृतक की पहचान 32 वर्षीय गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो फरीदकोट के गांव हरी नौ का निवासी था। पुलिस जांच में जानकारी मिली है कि तीन अज्ञात हमलावर बाइक पर सवार होकर आए थे। घटना के समय, गुरप्रीत पंचायत चुनावों के लिए सरपंच उम्मीदवार के तौर पर प्रचार कर रहा था और घर लौटते समय उस पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। फायरिंग में गुरप्रीत को चार गोलियां लगीं और आनन-फानन में उसे फरीदकोट मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन tragically रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस के एक अधिकारी, डीएसपी शमशेर सिंह ने बताया कि घटना की जांच तेजी से जारी है और आरोपियों की पहचाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। वारिस पंजाब दे संगठन से जुड़े होने के कारण, गुरप्रीत सिंह का अमृतपाल सिंह के खिलाफ मुखर रहना एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अमृतपाल के नेतृत्व में संगठन में बदलाव के बाद, गुरप्रीत ने अमृतपाल और अन्य सिख नेताओं के खिलाफ बयानबाजी करना शुरू किया था, जिससे उसे लगातार धमकियां भी प्राप्त हो रही थीं।
गुरप्रीत सिंह केवल अमृतपाल के खिलाफ नहीं बल्कि बेअदबी की घटनाओं पर भी आवाज उठाता था। उसने हरी नौ गांव के नाम से एक यू-ट्यूब टॉक शो शुरू किया था, जिसमें वह अपनी विचारधाराओं को साझा करता था और सिख समुदाय की समस्याओं को उठाता था। उसके इस काम ने उसे स्थानीय लोगों में प्रतिष्ठा दिलाई, लेकिन साथ ही, यह भी उसे कई विवादों में घसीट रहा था।
पुलिस पूरी गंभीरता से इस मामले की जांच कर रही है। मृतक के परिवार और स्थानीय समुदाय के लोगों में भय और आक्रोश व्याप्त है। लोग इस हत्या के पीछे की वजहों का पता लगाना चाहते हैं और पुलिस पर पूरा भरोसा रखते हैं कि वह जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने में सफल होगी।
गुरप्रीत सिंह की हत्या ने पंजाब में सिख समुदाय की सुरक्षा और उनके विचारों की अभिव्यक्ति पर सवाल उठाए हैं। ऐसे समय में, जब चुनाव में भागीदारी बढ़ रही है, इस प्रकार की घटनाएं सामुदायिक सौहार्द को चोट पहुंचा सकती हैं। पुलिस अधिकारियों ने धारा 144 लागू कर दी है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि किसी प्रकार के उपद्रव को रोका जा सके। इसके साथ ही, क्षेत्र के लोगों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।









